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दवा ही नहीं, समंदर भी बन रहा है मानसिक सुकून का सहारा, जानिए क्या है ब्लू स्पेस थेरेपी

Blue Space Therapy:

Blue Space Therapy: आज की भागदौड़ भरी और डिजिटल जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डिप्रेशन, एंग्जायटी और अकेलेपन जैसी परेशानियां अब आम होती जा रही हैं। ऐसे में दवाओं के साथ-साथ कुछ प्राकृतिक तरीकों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन्हीं में से एक है ब्लू स्पेस थेरेपी (Blue Space Therapy), जिसे मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।

Blue Space Therapy: क्या है ब्लू स्पेस थेरेपी-

ब्लू स्पेस थेरेपी का मतलब पानी से जुड़े प्राकृतिक स्थानों, जैसे झील, नदी, समुद्र या तालाब के आसपास समय बिताना है। कई शोधों में पाया गया है कि ऐसे स्थानों पर रहने या समय बिताने से मानसिक तनाव कम हो सकता है और व्यक्ति खुद को अधिक शांत व सकारात्मक महसूस करता है।

Blue Space Therapy: रिपोर्ट्स में क्या सामने आया-

कई रिपोर्ट्स के अनुसार, तटीय इलाकों में रहने वाले या वहां नियमित रूप से जाने वाले लोगों में मानसिक तनाव (Psychological Distress) और डिप्रेशन के मामले अपेक्षाकृत कम देखे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी के आसपास का शांत वातावरण दिमाग को आराम देने में मदद करता है।

‘ब्लू माइंड’ किताब ने भी किया जिक्र-

साल 2014 में मरीन बायोलॉजिस्ट वालेस जे. निकोलस की किताब ‘ब्लू माइंड’ प्रकाशित हुई थी। इस किताब में बताया गया है कि पानी के आसपास रहने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन कोर्टिसोल कम हो सकता है और व्यक्ति अधिक सकारात्मक महसूस करता है।

पानी के अंदर भी दी जा रही थेरेपी-

ब्लू स्पेस थेरेपी अब केवल पानी के किनारे तक सीमित नहीं है। कई देशों में डिप्रेशन, ट्रॉमा और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए स्कूबा डाइविंग, फ्री-डाइविंग, ब्रीदवर्क और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों का सहारा लिया जा रहा है। इन गतिविधियों के दौरान मिलने वाला वेटलेसनेस (भारहीनता) का अनुभव शरीर और मस्तिष्क को शांत करने में मददगार माना जाता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ-

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति अपनी क्षमताओं को पहचानता है, रोजमर्रा के तनाव का सामना कर सकता है और बेहतर तरीके से काम करने में सक्षम होता है। हालांकि, ब्लू स्पेस थेरेपी को मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सहायक उपाय माना जाता है, लेकिन गंभीर मानसिक समस्याओं में डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह और उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए

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