
‘हरे कृष्ण’ का जाप करता रहा, जन्माष्टमी के दिन बची जान; 9 दिन बाद सुरंग से निकले शख्स ने बताई आपबीती
Hare Krishna Chanting: नेपाल में त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग में बाढ़ के कारण फंसे दो लोगों को 9 दिन बाद सुरक्षित बाहर

Hare Krishna Chanting: नेपाल में त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग में बाढ़ के कारण फंसे दो लोगों को 9 दिन बाद सुरक्षित बाहर

आज 4 सितंबर को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। रात 11:57 से 12:43 बजे तक निशिता पूजा का मुहूर्त रहेगा। इस दौरान बाल कृष्ण का अभिषेक, श्रृंगार और भोग लगाएं। पूजा के बाद भगवान श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप कर आरती करें और क्षमा मांगें।

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 पर मथुरा-वृंदावन में भक्तों के लिए खास धार्मिक अनुभव मिलेगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बांकेबिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, द्वारिकाधीश, इस्कॉन और रंगजी मंदिर में दर्शन कर भगवान कृष्ण की लीलाओं और धार्मिक परंपराओं को करीब से जान सकते हैं।

Jitendra Mishra: अयोध्या के भव्य राम मंदिर के प्रबंधन और व्यवस्थाओं को नई दिशा देने के लिए जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी

रक्षाबंधन पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में सबसे पहले बाबा महाकाल को विशेष राखी अर्पित की गई। पुजारी परिवार की महिलाओं ने करीब एक सप्ताह में 2 फीट लंबी राखी तैयार की। भस्म आरती के दौरान राखी बांधी गई और सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया।

28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस दिन भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा। भद्रा भी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। जानें सावन पूर्णिमा की पूजा, दान, राखी बांधने की विधि और रक्षाबंधन से जुड़ी पौराणिक कथाएं।

28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। जानें रक्षासूत्र का महत्व, मंत्र, राखी न होने पर विकल्प, भाई न होने पर इष्टदेव को राखी बांधने की परंपरा और राजा बलि, भगवान विष्णु व देवी लक्ष्मी से जुड़ी पौराणिक कथा।

रक्षाबंधन पर एक से अधिक भाइयों को राखी बांधते समय सही क्रम को लेकर अक्सर असमंजस रहता है। परंपरा के अनुसार सबसे पहले बड़े भाई को राखी बांधना शुभ माना जाता है। जानिए देवी-देवताओं को रक्षा सूत्र अर्पित करने और पालतू जानवरों को राखी बांधने की परंपरा।

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की कहानी आस्था, पौराणिक मान्यताओं और इतिहास से जुड़ी है। जानिए भगवान महाकाल की उत्पत्ति, मंदिर का पुनर्निर्माण, भस्म आरती, पांच दैनिक आरतियां, महाकाल लोक और देश के 12 ज्योतिर्लिंगों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में अलकनंदा तट पर स्थित कामेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन धार्मिक धरोहर है। मान्यता है कि भगवान राम ने यहां शिव की तपस्या की थी। मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। बैकुंठ चतुर्दशी पर संतान सुख के लिए विशेष पूजा की जाती है।

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आज 4 सितंबर को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। रात 11:57 से 12:43 बजे तक निशिता पूजा का मुहूर्त रहेगा। इस दौरान बाल कृष्ण का अभिषेक, श्रृंगार और भोग लगाएं। पूजा के बाद भगवान श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप कर आरती करें और क्षमा मांगें।

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 पर मथुरा-वृंदावन में भक्तों के लिए खास धार्मिक अनुभव मिलेगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बांकेबिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, द्वारिकाधीश, इस्कॉन और रंगजी मंदिर में दर्शन कर भगवान कृष्ण की लीलाओं और धार्मिक परंपराओं को करीब से जान सकते हैं।

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28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस दिन भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक मान्य नहीं होगा। भद्रा भी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। जानें सावन पूर्णिमा की पूजा, दान, राखी बांधने की विधि और रक्षाबंधन से जुड़ी पौराणिक कथाएं।

28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। जानें रक्षासूत्र का महत्व, मंत्र, राखी न होने पर विकल्प, भाई न होने पर इष्टदेव को राखी बांधने की परंपरा और राजा बलि, भगवान विष्णु व देवी लक्ष्मी से जुड़ी पौराणिक कथा।

रक्षाबंधन पर एक से अधिक भाइयों को राखी बांधते समय सही क्रम को लेकर अक्सर असमंजस रहता है। परंपरा के अनुसार सबसे पहले बड़े भाई को राखी बांधना शुभ माना जाता है। जानिए देवी-देवताओं को रक्षा सूत्र अर्पित करने और पालतू जानवरों को राखी बांधने की परंपरा।

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की कहानी आस्था, पौराणिक मान्यताओं और इतिहास से जुड़ी है। जानिए भगवान महाकाल की उत्पत्ति, मंदिर का पुनर्निर्माण, भस्म आरती, पांच दैनिक आरतियां, महाकाल लोक और देश के 12 ज्योतिर्लिंगों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में अलकनंदा तट पर स्थित कामेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन धार्मिक धरोहर है। मान्यता है कि भगवान राम ने यहां शिव की तपस्या की थी। मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग विराजमान है। बैकुंठ चतुर्दशी पर संतान सुख के लिए विशेष पूजा की जाती है।