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दो भाइयों में पहले किसकी कलाई पर बांधें राखी? उम्र से लेकर शुभ परंपरा तक जानें पूरा नियम

रक्षाबंधन पर राखी बांधने का सही नियम

Raksha Bandhan: रक्षाबंधन भाई और बहन के बीच के प्रेम, विश्वास और जुड़ाव का त्योहार है। हर त्योहार को मनाने का उचित ढंग बताया गया है और इसी क्रम में रक्षाबंधन का भी महत्व है। अगर आपके घर में एक से ज़्यादा भाई हैं, तो रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय अक्सर यह सवाल मन में आता है कि शुरुआत किस भाई से करें? बड़े भाई से या छोटे से? क्या उम्र के हिसाब से राखी बांधनी चाहिए या फिर जो जैसे बैठा हो वैसे? आइए जानते हैं इससे जुड़ी सही परंपराएं और नियम

शुरुआत हमेशा बड़े भाई से करें

अगर आपके दो या उससे अधिक भाई हैं, तो परंपरा के अनुसार सबसे पहले बड़े भाई की कलाई पर राखी बांधना ही शुभ और सही माना जाता है। इसके बाद क्रम से छोटे भाइयों को राखी बांधें। हालांकि, धार्मिक दृष्टि से भाइयों के बैठने के क्रम को लेकर कोई सख्त या अनिवार्य नियम नहीं है।

भाइयों से पहले इन्हें अर्पित करें रक्षा सूत्र

भाइयों को राखी बांधने से पहले देवी-देवताओं को रक्षा सूत्र अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं किन देवी-देवताओं को राखी बांधनी चाहिए।

भगवान गणेश: किसी भी शुभ काम की शुरुआत गणपति जी की पूजा से होती है। राखी बांधने से पहले गणेश जी को रक्षा सूत्र चढ़ाएं, ताकि जीवन की सारी विघ्न-बाधाएं दूर हो सकें।

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी: रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा के दिन पड़ता है, इसलिए इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को राखी अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

इष्टदेव या कुलदेवता: अपने घर के कुलदेवता या इष्टदेव के चरणों में पहले राखी रखें, उनका आशीर्वाद लें और फिर परिवार के सदस्यों को बांधें।

घर की चीज़ों और पालतू जानवरों को राखी क्यों?

रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं है। कई परिवारों में घर में आई नई गाड़ियों, जरूरी सामानों या पालतू जानवरों को भी रक्षा सूत्र बांधने का रिवाज है। यह घर में सुरक्षा और मंगल की कामना का प्रतीक माना जाता है। गाड़ियों और सामानों के सुरक्षित रहने की प्रार्थना की जाती है, वहीं पालतू जानवरों की अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए उनके रक्षा सूत्र बांधा जाता है।

Written by- Anushka

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