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CJP Protest: भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक, जानिए बिना खाना खाए कितने दिन जी सकता है इंसान

CJP Protest: भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक, जानिए बिना खाना खाए कितने दिन जी सकता है इंसान

CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में जारी प्रदर्शन के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यह प्रदर्शन कथित परीक्षा अनियमितताओं समेत कई मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। वांगचुक ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए अनशन शुरू किया है, जिसके बाद एक बार फिर लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर कोई इंसान बिना खाना खाए कितने दिन तक जीवित रह सकता है।

बिना भोजन के शरीर सबसे पहले क्या करता है?

जब कोई व्यक्ति खाना छोड़ देता है, तो शुरुआती 24 से 72 घंटे तक शरीर खून में मौजूद ग्लूकोज और लीवर में जमा ग्लाइकोजन से ऊर्जा लेता है। इस दौरान तेज भूख, कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। शरीर खुद को सामान्य रखने की पूरी कोशिश करता है।

CJP Protest: एक हफ्ते बाद फैट से मिलने लगती है ऊर्जा

कुछ दिनों बाद जब ग्लूकोज का भंडार खत्म होने लगता है, तो शरीर ऊर्जा के लिए जमा चर्बी यानी फैट को जलाना शुरू कर देता है। अगर व्यक्ति लगातार पानी पीता रहे, तो शरीर कुछ समय तक इसी प्रक्रिया के जरिए खुद को जीवित रखने की कोशिश करता है। यही वजह है कि भूख हड़ताल के शुरुआती दिनों में कई लोग सामान्य दिख सकते हैं।

CJP Protest: दूसरे और तीसरे हफ्ते में बढ़ जाता है खतरा

लगातार भोजन न मिलने पर शरीर में जमा फैट भी खत्म होने लगता है। इसके बाद शरीर ऊर्जा के लिए अपनी मांसपेशियों और जरूरी टिश्यू को तोड़ना शुरू कर देता है। इस दौरान तेजी से वजन घटना, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना, चलने-फिरने में परेशानी और रक्तचाप कम होने जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं।कई सप्ताह तक भोजन नहीं मिलने पर शरीर के महत्वपूर्ण अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। दिमाग की कार्यक्षमता कम होने लगती है, ध्यान लगाने में परेशानी होती है और हृदय, किडनी तथा अन्य अंगों पर भी दबाव बढ़ जाता है। यदि समय पर चिकित्सकीय सहायता न मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

कितने दिन तक जिंदा रह सकता है इंसान?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि व्यक्ति पानी पीता रहे तो वह कई सप्ताह तक जीवित रह सकता है। हालांकि यह अवधि हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य, वजन, पहले से मौजूद बीमारियों और शरीर में पोषक तत्वों की स्थिति पर निर्भर करती है। लंबे समय तक भोजन न मिलने पर शरीर के अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर सकते हैं और समय पर इलाज न मिलने पर जान का खतरा भी पैदा हो सकता है।

CJP Protest: डॉक्टरों की निगरानी क्यों है जरूरी?

भूख हड़ताल के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव गंभीर हो सकते हैं। इसलिए लंबे समय तक अनशन करने वाले व्यक्ति की नियमित मेडिकल जांच और डॉक्टरों की निगरानी बेहद जरूरी मानी जाती है। इससे शरीर में होने वाले खतरनाक बदलावों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज शुरू किया जा सकता है।

 

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