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आज से शुरू होगा विशेष गहन पुनरीक्षण, जानें पूरा प्रोसेस और किन 5 वजहों से कट सकता है नाम

 Delhi SIR 2026:

Delhi SIR 2026: राजधानी दिल्ली में मंगलवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत हो रही है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और प्रमाणिक बनाना है। इसके तहत बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एन्युमरेशन फॉर्म भरवाएंगे।

Delhi SIR 2026: 70 विधानसभा क्षेत्रों में चलेगा अभियान-

दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में करीब 13,033 बीएलओ और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 32,429 बीएलए-2 घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। सोमवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने अभियान की जानकारी दी।

Delhi SIR 2026: ऐसे होगी SIR की पूरी प्रक्रिया-

बीएलओ घर-घर जाकर एन्युमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां देंगे।
एक प्रति बीएलओ के पास रहेगी, जबकि दूसरी रसीद के रूप में मतदाता अपने पास रखेगा।
फॉर्म के साथ किसी भी दस्तावेज या पहचान पत्र को जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
घर बंद मिला तो तीन बार आएंगे बीएलओ
यदि सर्वे के दौरान घर बंद मिलता है तो बीएलओ फॉर्म घर पर छोड़ देंगे। इसके बाद फॉर्म लेने के लिए कम से कम तीन बार दोबारा घर आएंगे।

Delhi SIR 2026: इन 5 कारणों से कट सकता है आपका नाम-

1. बीएलओ के तीन बार आने के बावजूद संपर्क न होना।

2. बिना पता अपडेट कराए दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो जाना।

3. मतदाता की मृत्यु हो जाना।

4. मतदाता सूची में दो जगह नाम दर्ज होना।

5. विदेशी नागरिक होना।

बेघर और विस्थापितों के लिए विशेष व्यवस्था-

चुनाव आयोग ने कहा है कि अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से प्रभावित परिवारों और बेघर लोगों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। उनके बताए पते या स्थान पर भी एन्युमरेशन फॉर्म पहुंचाया जाएगा ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।

एसआईआर 2026 महत्वपूर्ण तारीखें-

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और एन्युमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे। इसके बाद 5 अगस्त 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे, जबकि 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 के बीच इन सभी आवेदनों का सत्यापन और निपटारा किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

2002 के बाद दिल्ली आए मतदाता क्या करें-

फॉर्म में अपने मूल राज्य का विवरण भरें, जहां पहले मतदाता के रूप में पंजीकरण था।
यदि 2002-05 की सूची में नाम नहीं है, तो माता-पिता या दादा-दादी के पुराने रिकॉर्ड के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।
यदि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलता है, तो 5 अगस्त के बाद फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने का दावा कर सकते हैं।

पुराना रिकॉर्ड कैसे खोजें-

मतदाता CEO Delhi की वेबसाइट, ECINet ऐप या Voters Portal के जरिए EPIC नंबर, नाम या पोलिंग स्टेशन की मदद से अपना पुराना रिकॉर्ड देख सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद बीएलओ भौतिक सत्यापन करेंगे।

दिल्ली में मतदाताओं की स्थिति (जून 2026)

कुल पंजीकृत मतदाता: 1.45 करोड़
पुरुष मतदाता: 77,11,132
महिला मतदाता: 67,98,142
थर्ड जेंडर मतदाता: 1,024
जनवरी से 16 जून 2026 तक जुड़े नए मतदाता: 2,48,992

हेल्पलाइन और सहायता-

मतदाता किसी भी जानकारी के लिए 1950 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा ECINet के ‘बुक ए कॉल’ फीचर के जरिए अपने क्षेत्र के बीएलओ से सीधे बात की जा सकती है। सभी जिला मुख्यालयों और विधानसभा स्तर पर विशेष हेल्पडेस्क भी बनाए गए हैं।

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