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ट्रंप के बाद अब चीन जाएंगे पुतिन, जिनपिंग संग होगी बड़ी बैठक; ताइवान और ईरान पर दुनिया की नजर

Vlamdir putin: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के चीन दौरे के तुरंत बाद अब रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin भी दो दिवसीय चीन यात्रा पर जाने वाले हैं। क्रेमलिन ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि पुतिन चीन में राष्ट्रपति Xi Jinping से मुलाकात करेंगे। इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसमें वैश्विक राजनीति, ताइवान, ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

ट्रंप के दौरे के तुरंत बाद चीन पहुंचेंगे पुतिन

क्रेमलिन के मुताबिक पुतिन और शी जिनपिंग के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर बातचीत होगी। दोनों नेता वैश्विक और क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि बैठक के बाद दोनों देशों की तरफ से संयुक्त घोषणा पत्र भी जारी किया जा सकता है। पुतिन की चीन यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग का दौरा किया था। करीब एक दशक बाद किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति का यह चीन दौरा काफी अहम माना गया।

Vlamdir putin: ताइवान मुद्दे पर अमेरिका को चीन का सख्त संदेश

ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक में ताइवान का मुद्दा सबसे संवेदनशील विषय बनकर सामने आया। जिनपिंग ने साफ कहा कि अगर ताइवान मुद्दे को गलत तरीके से संभाला गया तो अमेरिका और चीन के बीच टकराव बढ़ सकता है। बताया जा रहा है कि शी जिनपिंग की आपत्तियों के बाद ट्रंप ने ताइवान को बड़े अमेरिकी हथियार पैकेज को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

Vlamdir putin: ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी हुई चर्चा

डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि उन्होंने और शी जिनपिंग ने ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी विस्तार से चर्चा की। ट्रंप के मुताबिक दोनों नेता इस बात पर सहमत थे कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहना चाहिए।

रूस-चीन की बढ़ती दोस्ती से पश्चिम परेशान

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद चीन और रूस के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच चीन रूस का सबसे बड़ा आर्थिक साझेदार बनकर उभरा है। चीन बड़ी मात्रा में रूस से तेल और गैस खरीद रहा है, जिससे मॉस्को की अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है। हालांकि चीन लगातार खुद को यूक्रेन युद्ध में तटस्थ बताता रहा है। बीजिंग ने रूस को हथियार या सैन्य उपकरण देने के पश्चिमी आरोपों को भी खारिज किया है। वहीं चीन का आरोप है कि पश्चिमी देश यूक्रेन को हथियार देकर युद्ध को लंबा खींच रहे हैं।

यूक्रेन युद्ध के बाद और करीब आए मॉस्को-बीजिंग

Vlamdir putin: फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू करने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में और मजबूती आई है। चीन ने कई बार शांति वार्ता की बात कही, लेकिन उसने रूस की खुलकर आलोचना करने से परहेज किया। अब पुतिन की चीन यात्रा को अमेरिका, यूरोप और एशिया की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुलाकात से आने वाले समय में वैश्विक शक्ति संतुलन पर बड़ा असर पड़ सकता है।

 

 

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