Disaster in Nepal: प्राकृतिक आपदा अपने साथ तबाही ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचारियों के लिए कमाई के अवसर भी लेकर आती है। अपने देश के कुछ ऐसे राज्य हैं, जहाँ जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों से लेकर नौकरशाहों और यहां तक कि तथाकथित समाजसेवियों ने भी आपदा राहत और पुनर्वास के नाम पर जबर्दस्त लूट मचाई।आपदा के बाद बाद पुनर्वास के नाम पर बनी योजनाओं में जमकर घोटाले हुए।
राहत और पुनर्वास पर डाका
राजनेताओं और नौकरशाहों की नीति और नीयत से जनता भलीभाँति परिचित होती है, इसलिए इन लोगों की हरकतें उसे ज्यादा दुखी नहीं करती हैं।वह बहुत जल्दी भूल जाती है कि उसके हिस्से की राहत सामग्री या पुनर्वास पैकेज पर डाका डाला गया है। कई ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं, जब आपदा राहत के नाम पर करोड़ों रुपए के पैकेज बने, लेकिन पीड़ित लोगों ने खुद ही अपने प्रयासों से जीवन की नई शुरुआत की।उन्होंने न केवल अपने मटियामेट हो चुके घरों का पुनर्निर्माण किया, रास्तों को ठीक किया, बल्कि अपने परंपरागत अनुभवों का इस्तेमाल कर नदी-नालों पर पुल भी बाँधे।
Disaster in Nepal: आपदा में अवसर
आपदा सिर्फ पीड़ित परिवारों को दुखी नहीं करती, बल्कि जन-धन की भारी क्षति देख हर किसी के आँखों से आँसू छलक पड़ते हैं। आपदा के वक्त लोग एक-दूसरे की जान बचाने को तत्पर रहते हैं।बिना किसी भेदभाव के इंसानियत को सर्वोपरि रखते हैं, लेकिन समाज में कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो आपदा में अवसर तलाशते हैं। उनका दिल अपने सामने बहती लाशों को देखकर पिघलता नहीं, बल्कि वे इनसे गहने निकालने को उतावले हो जाते हैं।उन्हें इस बात का अहसास नहीं रहता है कि आखिर एक दिन मौत सबकी आनी है। बेशक आज वे आपदा की चपेट में आने से बच गये हों, लेकिन कल किसी न किसी बहाने मौत उनके लिए भी आनी तय है।
Disaster in Nepal: लाशों से लूट!
नेपाल में आई आपदा के बीच इस वक्त सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियों में कुछ लोगों को एक लाश से सोने के गहने तलाशते हुए देखा जा रहा है।कितनी दुखद बात है।जिन परिवारों के ये मृतक होंगे उनके दिलों पर क्या गुजर रही होगी, लेकिन जिनकी संवेदनाएं ही मर चुकी हों उनके बारे में क्या कहा जा सकता है? लाशों से गहने निकाल रहे लोग यह मानकर चल रहे हैं कि उन्हें हमेशा जीवित रहना है, वे तो अमर हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि यही दुनिया का सबसे बड़ा आश्चर्य है।








