E-Rickshaw Apps: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को Google Android और Apple iOS को नोटिस जारी कर एप स्टोर से सात बैटरी मैनेजमेंट (BMS) ऐप्स हटाने के निर्देश दिए हैं। सरकार को आशंका है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को दूर से बंद करने के लिए किया जा रहा था।
E-Rickshaw Apps: इन चीनी ऐप्स पर गिरी गाज-
सरकार ने BAT-BMS, Lossigy और Epoch-i-ion समेत सात चीनी बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, ये ऐप्स ब्लूटूथ के जरिए बैटरी से जुड़े वाहनों को रिमोट से डिसेबल करने में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
E-Rickshaw Apps: वायरल वीडियो के बाद हरकत में आई सरकार-
सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिनमें ई-रिक्शा चलते-चलते अचानक बंद हो गए। इन घटनाओं में चालक बीच रास्ते फंस गए, जिसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
MeitY ने दी सख्त चेतावनी-
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने साफ कहा है कि बैटरी से चलने वाले वाहनों में दूर से छेड़छाड़ करने वाले किसी भी ऐप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय पहले भी दो ऐसे ऐप्स को हटवा चुका है।
कैसे काम करते हैं BMS ऐप्स-
बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ऐप्स का इस्तेमाल बैटरी का वोल्टेज, करंट, चार्जिंग स्टेटस और तापमान जैसी जानकारी मॉनिटर करने के लिए किया जाता है। लेकिन कमजोर सुरक्षा वाले सिस्टम में इन्हीं ऐप्स के जरिए बैटरी का पावर आउटपुट नियंत्रित कर वाहन को दूर से बंद किया जा सकता है।
कमजोर सुरक्षा वाले बैटरी पैक सबसे ज्यादा जोखिम में-
अधिकारियों के मुताबिक, जिन बैटरी पैक में पासवर्ड सुरक्षा या मजबूत ऑथेंटिकेशन नहीं होता, उनमें ब्लूटूथ एक्सेस के जरिए छेड़छाड़ का खतरा अधिक रहता है।
अन्य संदिग्ध ऐप्स की भी होगी जांच-
सरकार ने कहा है कि इस तरह के अन्य ऐप्स की भी जांच की जा रही है। साथ ही Google, Apple और अन्य ऐप प्लेटफॉर्म को कनेक्टेड-डिवाइस ऐप्स की सुरक्षा जांच और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को रोका जा सके।
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