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एपस्टीन विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने हिमायनी पुरी के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट ब्लॉक करने का आदेश दिया

हिमायनी पुरी याचिका का आदेश

Epstein Files Controversy: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी से जुड़े झूठे आरोप फैलाने वाली सोशल मीडिया सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश दिया है। हिमायनी ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा था कि उनके खिलाफ झूठा और मानहानिकारक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की थी।

सोशल मीडिया से सामग्री हटाने का आदेश

जस्टिस मिनी पुष्करणा ने अदालत में स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी तरह से ऐसी सामग्री प्रसारित या प्रकाशित नहीं की जाएगी। अगर उपयोगकर्ता पोस्ट नहीं हटाते हैं, तो प्लेटफॉर्म स्वयं इसे हटा देगा या उस तक पहुंच को रोक देगा।

Epstein Files Controversy: हिमायनी पुरी याचिका का आदेश
हिमायनी पुरी याचिका का आदेश

Epstein Files Controversy: हिमायनी के पक्ष में मामला

अदालत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में हिमायनी पुरी के पक्ष में मामला बनता है और अगर अंतरिम राहत नहीं दी गई तो उन्हें अपूरणीय नुकसान हो सकता है। इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त में तय की गई है। हिमायनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि उनकी मुवक्किल एक वित्त पेशेवर हैं और उनकी वैश्विक प्रतिष्ठा है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे, बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण हैं।

10 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग

हिमायनी ने अपने मुकदमे में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। उन्होंने अदालत से कई संस्थाओं को मानहानिकारक सामग्री फैलाने से रोकने का आदेश देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एपस्टीन से जोड़ने के लिए एक समन्वित और दुर्भावनापूर्ण ऑनलाइन अभियानचलाया गया। इसके लिए आरोपियों से बिना शर्त माफी मांगने और अपने पोस्ट वापस लेने की भी मांग की गई।

याचिका में क्या था

याचिका में कहा गया है कि 22 फरवरी 2026 के आसपास से सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर, जिनमें एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन और डिजिटल समाचार पोर्टल शामिल हैं, झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक पोस्ट, लेख और वीडियो प्रकाशित किए गए हैं। हिमायनी ने दावा किया कि वह एक सफल वित्त और इन्वेस्टमेंट पेशेवर हैं और उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री की बेटी हैं। याचिका में कहा गया कि प्रतिवादियों ने यह निराधार आरोप फैलाए कि हिमायनी के जेफ्री एपस्टीन के साथ व्यावसायिक, वित्तीय या व्यक्तिगत संबंध थे।

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