Seema Pahuja: एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में नया अपडेट सामने आया है। हाथरस और कोलकाता के RG कर मामले जैसे चर्चित केसों की जांच कर चुकीं CBI अधिकारी सीमा पाहुजा अब दिशा सालियान केस की जांच की निगरानी करेंगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद हाल ही में CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज की थी। इसके बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, दर्ज FIR में अभी किसी भी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।
Seema Pahuja: सीमा पाहुजा कौन हैं?
सीमा पाहुजा इस समय दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय की Special Crimes Unit में SP के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह CBI की चंडीगढ़ यूनिट में भी काम कर चुकी हैं। अपने करियर में उन्होंने कई संवेदनशील और चर्चित आपराधिक मामलों की जांच की है। हाथरस से लेकर RG कर मामले तक, उन्हें कई बड़े मामलों की जांच का अनुभव है।सीमा पाहुजा का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच से जुड़ा रहा है। उन्होंने हाथरस केस, उन्नाव रेप केस और कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े रेप-मर्डर केस में काम किया है। इसके अलावा शिमला के चर्चित ‘गुड़िया’ रेप-मर्डर केस की जांच में भी उनकी भूमिका रही है। शिमला मामले की जांच के दौरान आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के इस्तेमाल के लिए उनकी टीम की सराहना भी हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, 2021 में सीमा पाहुजा को Best Investigating Officer का गोल्ड मेडल भी दिया गया था।
Seema Pahuja: अब दिशा सालियान केस की दोबारा जांच
CBI ने दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज कर ली है। अब जांच एजेंसी उनकी मौत से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और मौजूद सबूतों की दोबारा जांच करेगी। जांच के शुरुआती चरण में उन लोगों के बयान दर्ज किए जाने की बात सामने आई है, जो 8 जून 2020 की रात दिशा की मौत से पहले उनके मंगेतर रोहन रॉय के घर हुई पार्टी में मौजूद थे।इसके साथ ही उस समय हुई पुलिस जांच, घटनास्थल से जुड़े रिकॉर्ड, फोरेंसिक सामग्री और उपलब्ध दूसरे दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
छह साल पुराने मामले में CBI के सामने चुनौती
दिशा सालियान की मौत को छह साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। ऐसे में CBI के सामने पुराने सबूतों, दस्तावेजों और गवाहों से जुड़ी जानकारी को फिर से खंगालना एक बड़ी चुनौती होगी। जांच एजेंसी ने संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है।CBI की FIR में कई लोगों के नाम और आरोपों का उल्लेख किया गया है, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार FIR में किसी व्यक्ति को अपने आप आरोपी नहीं माना गया है। किसी व्यक्ति की भूमिका जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर तय की जाएगी। अब यह देखना होगा कि सीमा पाहुजा की निगरानी में होने वाली जांच छह साल पुराने इस मामले में किन तथ्यों और सबूतों तक पहुंचती है।
Seema Pahuja: FIR में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं?
CBI की ओर से दर्ज FIR में गंभीर आपराधिक धाराएं शामिल की गई हैं। इनमें आपराधिक साजिश, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, सबूत मिटाने और अपराधियों को बचाने के लिए गलत रिकॉर्ड तैयार करने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। हालांकि, जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल FIR में किसी भी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। आगे की कार्रवाई जांच और सामने आने वाले सबूतों के आधार पर तय की जाएगी।
Best Investigating Officer का मिल चुका है गोल्ड मेडल
जटिल मामलों में सबूतों की कड़ियों को जोड़कर जांच करने के उनके रिकॉर्ड के लिए सीमा पाहुजा को 2021 में ‘Best Investigating Officer’ का गोल्ड मेडल मिल चुका है। उनके साथ काम कर चुके अधिकारियों के अनुसार, अपने करियर में सीमा पाहुजा को ऐसे कई जटिल, संवेदनशील और भावनात्मक मामलों की जिम्मेदारी मिली है, जिन पर पूरे देश की नजर रही।
Seema Pahuja: हाथरस से RG कर तक बड़े मामलों में भूमिका
सीमा पाहुजा के करियर में 2024 के कोलकाता RG कर रेप और मर्डर केस तथा 2020 के हाथरस केस जैसी बड़ी जांचों में अहम भूमिका शामिल रही है। एक अधिकारी के अनुसार, 2017 में उन्होंने उन्नाव रेप केस के साथ शिमला में 16 साल की लड़की के रेप और मर्डर से जुड़े एक अन्य मामले की भी जांच की थी।शिमला केस में एक मुश्किल गुत्थी को सुलझाने के लिए आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के इस्तेमाल को लेकर उनकी काफी सराहना हुई थी। अब 2020 में हुई दिशा सालियान की मौत से जुड़े हालात की जांच की जिम्मेदारी मिलने के बाद सीमा पाहुजा के सामने छह साल पुराने मामले के तथ्यों और सबूतों को दोबारा खंगालने की चुनौती है।








