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असम में सियासी घमासान तेज, सरकार बनने पर जांच की चेतावनी

Gaurav Gogoi
New Delhi: Indian National Congress MP Gaurav Gogoi speaks in the Lok Sabha during the special sitting of the Budget Session 2026, participating in a debate on the Women’s Reservation Bill, in New Delhi on Thursday, April 16, 2026. (Photo: IANS/Sansad TV)

Gaurav Gogoi: असम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने दावा किया है कि उनकी पार्टी जल्द ही राज्य में सरकार बनाएगी और सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ जांच शुरू की जाएगी। उनके इस बयान से राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।

सरकार बनने का दावा और जांच की बात

गौरव गोगोई ने कहा कि आगामी समय में असम में सत्ता परिवर्तन तय है और उनकी पार्टी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार बनने के बाद मौजूदा मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोपों की जांच कराई जाएगी। उनके इस बयान को चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

Gaurav Gogoi: विवाद की पृष्ठभूमि और आरोप

यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री की पत्नी पर विदेशों में संपत्ति और कई पासपोर्ट होने के आरोप लगाए। इन आरोपों में दुबई और अन्य देशों में कारोबारी संबंधों का भी जिक्र किया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।

कानूनी कार्रवाई और बढ़ता टकराव

विवाद बढ़ने के बाद मामला कानूनी मोड़ ले चुका है। शिकायत के आधार पर पवन खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उन्होंने अदालत से राहत की मांग की। उच्च न्यायालय से प्रारंभिक राहत मिलने के बाद मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां उन्हें उचित अदालत में जाने का निर्देश दिया गया। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक बयानबाजी को कानूनी लड़ाई में बदल दिया है और असम की राजनीति में यह मुद्दा केंद्र में आ गया है।