Mecca Air Raid Alert: सऊदी अरब के इतिहास में पहली बार इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का में हवाई हमले के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया। यह कार्रवाई तब हुई, जब सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र के पास यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के एक ड्रोन को मार गिराया। घटना के बाद पूरे शहर में इमरजेंसी अलार्म बजाए गए। इस घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। साथ ही, इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
Mecca Air Raid Alert: मक्का के साथ जेद्दा और ताइफ में भी अलर्ट
सऊदी अरब में पहली बार मक्का के लिए हवाई हमले के खतरे का अलर्ट जारी किया गया। सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का के अलावा जेद्दा और ताइफ में भी खतरे की चेतावनी जारी की, हालांकि कुछ समय बाद इन्हें हटा लिया गया। ये अलर्ट ऐसे समय में जारी किए गए, जब यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार बढ़ रहे हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मक्का के दक्षिणी हिस्से में एक हूती ड्रोन को रोककर नष्ट किया गया।
सऊदी ने मक्का की सुरक्षा को बताया रेड लाइन
सऊदी प्रवक्ता ने मक्का की सुरक्षा को रेड लाइन बताते हुए हूतियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। हालांकि हूती पक्ष ने मक्का या किसी धार्मिक स्थल को निशाना बनाने से इनकार किया है। इसके बावजूद उसने सऊदी क्षेत्र में हुए दूसरे हमलों की जिम्मेदारी ली है। पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब पर हूतियों के हमलों में बढ़ोतरी हुई है। इन हमलों में सैन्य ठिकानों के अलावा तेल और दूसरे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी निशाने पर आ रहे हैं।
Mecca Air Raid Alert: लाल सागर और बाब अल-मंदेब से बढ़ी चिंता
हूतियों के नियंत्रण वाले यमन के लाल सागर तटीय इलाके और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति ने सऊदी अरब के तेल निर्यात मार्गों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालिया हमले में सऊदी ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। यह पाइपलाइन सऊदी तेल को लाल सागर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। लाल सागर और बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में रुकावट आने पर वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं।

मक्का में पहली बार एयर-रेड अलर्ट क्यों जारी हुआ?
यमन की सीमा से हूतियों ने सऊदी अरब के पश्चिमी तट और लाल सागर से लगे इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, मक्का की दिशा में बढ़ रहे एक विस्फोटक ड्रोन को बीच रास्ते में रोककर नष्ट कर दिया गया। संभावित खतरे को देखते हुए सऊदी सिविल डिफेंस ने मक्का, जेद्दा और ताइफ में इमरजेंसी सायरन बजाए और लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी।
Mecca Air Raid Alert: सऊदी सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती
सऊदी अरब मक्का और मदीना की सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण मानता है और इन्हें अपनी सुरक्षा की रेड लाइन के तौर पर देखता है। पवित्र शहर के इतने करीब ड्रोन पहुंचना रियाद की राष्ट्रीय सुरक्षा और उसकी हवाई सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। हूतियों ने केवल मक्का की दिशा में ही गतिविधियां नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि अबहा, खमीस मुशायत, जाजान और यनबू जैसे प्रमुख सैन्य और औद्योगिक शहरों पर भी भारी हमले किए हैं। इन घटनाओं में दर्जनों लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।
यमन के लाल सागर तट पर हूतियों का प्रभाव
हूतियों ने हाल में यमन के पश्चिमी लाल सागर तट और रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास अपना नियंत्रण मजबूत किया है। इससे उन्हें सऊदी अरब की पश्चिमी सीमा से जुड़े इलाकों को निशाना बनाने का मौका मिल रहा है।
Mecca Air Raid Alert: तेल कारोबार पर भी मंडरा रहा खतरा
मक्का में एयर-रेड अलर्ट के साथ सऊदी अरब के प्रमुख लाल सागर तेल टर्मिनल यनबू में भी चेतावनी जारी की गई। यनबू बंदरगाह से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भेजा जाता है। दूसरी ओर, जारी युद्ध और तनाव के चलते फारस की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आपूर्ति पहले ही प्रभावित हो रही है।अब अगर हूती बाब अल-मंदेब और लाल सागर के समुद्री रास्तों को बाधित करते हैं, तो एशिया और यूरोप के बीच तेल और गैस की आवाजाही का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। यदि हूती हमलों से सऊदी अरब की प्रमुख तेल रिफाइनरियों या पाइपलाइनों को नुकसान पहुंचता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर भारत समेत दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है।









