Hamirpur Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में तेज आंधी और तूफान के चलते बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहा एक निर्माणाधीन पुल अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया। कई थानों की पुलिस, SDRF की टीम और स्थानीय लोग मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। यह पुल लालपुर थाना क्षेत्र में बनाया जा रहा था, जो मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने वाला था।
Hamirpur, Uttar Pradesh: A severe storm caused an under-construction bridge to collapse, killing six labourers who were buried under the debris. Several others are feared trapped; police teams and local residents are carrying out rescue operations at the site. pic.twitter.com/vhP9VtHulT
— IANS (@ians_india) May 29, 2026
राज्यसभा सांसद के प्रयासों से मिला था पुल निर्माण का प्रस्ताव
बताया जा रहा है कि इस पुल के निर्माण को राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के प्रयासों से मंजूरी मिली थी। पुल का निर्माण उनके पैतृक गांव मोरकंदर परसानी के पास किया जा रहा था। हादसा इतना गंभीर था कि अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 से 10 तक पहुंच सकती है।
Hamirpur Bridge Collapse: देर रात शुरू हुआ बचाव अभियान
हमीरपुर के एएसपी अरविंद कुमार वर्मा ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि तेज तूफान की वजह से निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिर गया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात करीब 2 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि पुल का एक हिस्सा गिर गया है और उसके नीचे कई मजदूर फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। बाद में SDRF की टीम को भी बुलाया गया।
उन्होंने बताया कि अभी भी तीन लोग पुल के खंभे पर फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। मलबे में दबे छह लोगों में से पांच की पहचान कर ली गई है और बचाव दल लगातार स्लैब हटाने का काम कर रहा है।

हादसे में इन लोगों की गई जान
इस दर्दनाक हादसे में लोकेंद्र (22) और कुलदीप निषाद (22), जो बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र के रहने वाले थे, की मौत हो गई। इसके अलावा भूरागढ़ निवासी सावंत यादव (28) और सभाजीत (30) ने भी हादसे में जान गंवाई। हमीरपुर के लालपुर थाना क्षेत्र के स्वासा खुर्द निवासी पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और अचपुरा निवासी राजेश पाल (42) की भी मौत हो गई।
पिलर पर फंसे हैं तीन मजदूर
अभी भी अवधेश निषाद और कल्लू यादव, जो भूरागढ़ बांदा के रहने वाले हैं, तथा नरैनी बांदा निवासी राजेश निषाद पुल के पिलर पर फंसे हुए बताए जा रहे हैं। SDRF और प्रशासन की टीम उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घटना का तुरंत संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेज करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के निर्देश भी दिए हैं।
जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।
मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने हेतु निर्देश दिए हैं।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 29, 2026
रायबरेली में भी आंधी-बारिश से तबाही
तेज आंधी और बारिश का असर रायबरेली में भी देखने को मिला। यहां मिलएरिया क्षेत्र के गौचरा मजरे राही गांव में तेज हवा के कारण एक पेड़ टीन शेड पर गिर गया। उस समय एक महिला नीचे सो रही थी, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसकी बेटी शिवानी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों से स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए कहा गया है।
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