Balasore Crane Accident: ओडिशा के बालासोर जिले के नीलगिरि क्षेत्र में स्थित गोपीनाथपुर रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहां रेलवे स्लीपरों की लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान अचानक एक भारी क्रेन दो मालगाड़ियों पर गिर गई। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन रेलवे संचालन पर इसका बड़ा असर पड़ा है।
दो मालगाड़ियों पर गिरा भारी क्रेन
जानकारी के अनुसार, गोपीनाथपुर स्टेशन के पास एक स्लीपर निर्माण इकाई में रेलवे स्लीपरों को लोड और अनलोड करने का काम चल रहा था। इसी दौरान इस्तेमाल किया जा रहा विशाल और भारी क्रेन अचानक संतुलन खो बैठा और नीचे गिर गया। यह क्रेन सीधे रेलवे ट्रैक के पास खड़ी दो मालगाड़ियों के ऊपर जा गिरा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी फैल गई।
ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार भी क्षतिग्रस्त
क्रेन गिरने से रेलवे ट्रैक के ऊपर लगे ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार भी टूट गए। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण रेलवे प्रशासन को तुरंत उस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्री ट्रेनों का संचालन भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। घटना के समय मौजूद कर्मचारी और रेलवे स्टाफ में डर का माहौल बन गया।
Balasore Crane Accident: किसी के हताहत न होने से राहत
क्रेन गिरने के दौरान जोरदार आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई यात्री ट्रेन उस ट्रैक से नहीं गुजर रही थी और न ही कोई कर्मचारी सीधे क्रेन की चपेट में आया। इस वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। यदि उसी समय कोई ट्रेन या अधिक कर्मचारी मौजूद होते, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
मरम्मत और बहाली का काम जारी
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियरिंग टीम और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद तुरंत राहत और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। सबसे पहले क्षतिग्रस्त क्रेन को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई ताकि ट्रैक को साफ किया जा सके। साथ ही टूटे हुए ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों की मरम्मत का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
ट्रेन संचालन पर असर, जांच जारी
जब तक सभी मरम्मत कार्य पूरे नहीं हो जाते और सुरक्षा जांच पूरी तरह संतोषजनक नहीं होती, तब तक ट्रेनों की आवाजाही बहाल नहीं की जाएगी। फिलहाल इस रूट पर कुछ यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ को डायवर्ट किया गया है।
फिलहाल क्रेन गिरने के पीछे का असली कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी, ज्यादा भार या संचालन में लापरवाही जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
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