Hormuz Strait Blockade: अमेरिका की नाकाबंदी के बीच ‘रिच स्टार्री’ नाम का एक चीनी टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करके फारस की खाड़ी से बाहर निकल गया है। शिपिंग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, नाकाबंदी लागू होने के बाद ऐसा करने वाला यह पहला जहाज है।
यह टैंकर और इसकी मालिक कंपनी पहले से ही अमेरिका के प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस जहाज में लगभग ढाई लाख बैरल मेथनॉल भरा हुआ था, जिसे संयुक्त अरब अमीरात के हमरिया बंदरगाह से लोड किया गया था।
अमेरिका और ईरान वार्ता में गहरा मतभेद और नाकाबंदी
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत में ईरान ने पांच साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव दिया था, जबकि अमेरिका बीस साल की शर्त पर अड़ा रहा। इसी मतभेद के कारण दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका।
रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी बंदरगाहों की सैन्य नाकाबंदी शुरू कर दी। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा, हालांकि अन्य देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

रूस की पेशकश और परमाणु विवाद पर भूमिका
रूस ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने पास रखने का प्रस्ताव दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि यह प्रस्ताव अभी भी खुला है, लेकिन इस पर अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।रूस ने कहा है कि वह इस संकट को कम करने और अमेरिका तथा ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने में सहयोग करना चाहता है।
माना जा रहा है कि यदि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम रूस को सौंप देता है, तो इससे अमेरिका की चिंताएं कम हो सकती हैं और परमाणु समझौते का रास्ता आसान हो सकता है।
Hormuz Strait Blockade: पिछले चौबीस घंटे के पांच बड़े अपडेट
डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि जो भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आएगा, उसे तुरंत और सख्ती से नष्ट कर दिया जाएगा।
ईरान ने कहा कि वह भारत के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकालने में मदद करेगा और इस पर बातचीत जारी है।पोप लियो ने ट्रम्प से बहस करने से इनकार करते हुए कहा कि उनका काम राजनीति नहीं बल्कि दुनिया में शांति फैलाना है।
ईरान ने चेतावनी दी कि यदि उसके बंदरगाहों पर हमला हुआ तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा।पाकिस्तान ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से युद्धविराम वार्ता शुरू हो सकती है और अगली बैठक में कोई ठोस परिणाम निकल सकता है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बयान और कूटनीतिक स्थिति
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अब समझौते का फैसला ईरान को करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने अपनी शर्तें तय कर दी हैं और आगे की जिम्मेदारी ईरान पर है।उन्होंने बताया कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत में कुछ प्रगति हुई थी, लेकिन अंतिम समझौता नहीं हो सका। अमेरिका की मुख्य शर्त यह है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए।
उन्होंने कहा कि यदि ईरान इन शर्तों को मान लेता है, तो अमेरिका उसे सामान्य देश की तरह व्यवहार करने के लिए तैयार है।अमेरिका ने यह भी कहा है कि उसने सैन्य कार्रवाई इसलिए रोकी थी ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल सके और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य हो सके।
Hormuz Strait Blockade: एशिया पर युद्ध का भारी आर्थिक असर
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध बढ़ने पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। यह नुकसान लगभग सत्तानवे अरब डॉलर से लेकर दो सौ निन्यानवे अरब डॉलर तक हो सकता है।
यह क्षेत्रीय सकल घरेलू उत्पाद का लगभग शून्य दशमलव तीन प्रतिशत से शून्य दशमलव आठ प्रतिशत तक है। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर लगभग तीन करोड़ बीस लाख लोग गरीबी में जा सकते हैं, जिनमें करीब अठासी लाख लोग एशिया-प्रशांत क्षेत्र से होंगे।

तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परिवहन, बिजली और खाद्य सामग्री की लागत लगातार बढ़ रही है। मध्य पूर्व से ऊर्जा आयात पर निर्भर एशिया इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।एशिया दुनिया का सबसे बड़ा विनिर्माण केंद्र है, इसलिए यहां की आर्थिक गिरावट का असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
न्यूयॉर्क में विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारियां
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में ईरान युद्ध और इजराइल को हथियार देने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे नब्बे लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। प्रदर्शनकारियों ने मैनहट्टन में यातायात रोक दिया था।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और रास्ता जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।‘ज्यूइश वॉइस फॉर पीस’ के अनुसार गिरफ्तार लोगों में चेल्सी मैनिंग, हरि नेफ और न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल सदस्य एलेक्सा अविलेस भी शामिल हैं।
इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने चक शूमर और किर्स्टन गिलिब्रैंड के कार्यालय में घुसने की कोशिश की थी, लेकिन रोके जाने पर उन्होंने सड़क पर विरोध शुरू कर दिया और “फंड पीपल्स नॉट बॉम्ब” जैसे नारे लगाए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बसों में भरकर गिरफ्तार कर लिया।

यूरोपीय देशों का विरोध और तेल बाजार पर असर
इस नाकाबंदी के मामले में अमेरिका को यूरोपीय देशों का समर्थन नहीं मिला है। कई देशों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है, जबकि एक ईरानी टैंकर ने नाकाबंदी को चुनौती देते हुए मार्ग पार कर लिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से लगभग बीस प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। पहले भी ईरान ने इस क्षेत्र में पश्चिमी जहाजों की आवाजाही रोक दी थी।
लगातार बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। फरवरी के अंत से शुरू हुए संघर्ष के बाद तेल की कीमतों में लगभग पचास प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। ब्रेंट क्रूड एक सौ दो डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा और बाद में लगभग निन्यानवे डॉलर के आसपास आ गया।

तेल की कीमतों में और वृद्धि की आशंका
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा है कि तेल की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि जब तक इस क्षेत्र से जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होती, तब तक ऊर्जा की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी और आगे भी बढ़ सकती हैं।
लेबनान में अस्पताल पर बमबारी और तबाही
दक्षिणी लेबनान में इजराइल ने तेबनिन अस्पताल पर बमबारी की है, जिससे अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार इस हमले में लोगों के हताहत होने की भी खबर है।
अस्पताल के अंदर मलबा और टूटे हुए कांच बिखरे पड़े हैं। कई कमरों में उपकरण उलटे पड़े हैं और अस्पताल के बाहर खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान हुआ है।रिपोर्ट के अनुसार लेबनान में इजराइली हमलों में अब तक दो हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकतर हमले दक्षिणी क्षेत्रों में हुए हैं।
शांति वार्ता की कोशिशें और लेबनान की स्थिति
लेबनान के संस्कृति मंत्री घस्सान सलामे ने कहा है कि इजराइल के साथ बातचीत का मुख्य उद्देश्य हमलों को रोकना है। उन्होंने इसे शुरुआती पहल बताया।उन्होंने कहा कि यह बैठक राजदूत स्तर की होगी, जिसका उद्देश्य सैन्य गतिविधियों को रोकना और हालात को शांत करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि असली शांति तभी संभव है जब इजराइल की बमबारी पूरी तरह बंद हो और माहौल स्थिर हो जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि बातचीत में लेबनान की स्थिति बहुत मजबूत नहीं है, लेकिन सरकार हालात सुधारने की कोशिश कर रही है।

अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं और कूटनीतिक प्रयास
दक्षिणी लेबनान में एक इजराइली सैनिक की मौत हो गई और तीन घायल हो गए हैं।दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यांग ने कहा है कि तेल की कीमतें फिलहाल कम होने की उम्मीद नहीं है और ऊर्जा आपूर्ति की समस्याएं बनी रहेंगी।इजराइल और लेबनान के बीच वॉशिंगटन में बैठक भारतीय समय अनुसार रात साढ़े आठ बजे शुरू होगी।
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता की मेजबानी का प्रस्ताव दिया है।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इस इजराइल-लेबनान वार्ता में शामिल होंगे।अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार तक दूसरे दौर की वार्ता होने की संभावना है, जिसका संभावित स्थान इस्लामाबाद या जिनेवा बताया जा रहा है।

ईरान में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन
ईरान की राजधानी तेहरान में लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प की होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी की धमकी को केवल बयानबाजी बताया।एक महिला प्रदर्शनकारी जहरा ने कहा कि पहले भी इस तरह की धमकियां दी गई थीं, लेकिन उनका कोई असर नहीं हुआ।
एक अन्य प्रदर्शनकारी मिलाद ने कहा कि ये धमकियां अमेरिका की कमजोरी को दिखाती हैं और वह ईरान की सैन्य क्षमता का सामना करने में सक्षम नहीं है।
ये भी पढ़ें…वृंदावन में कार टक्कर के बाद बवाल, थाने में महिला का आधी रात वीडियो वायरल, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल








