Indore Crime News: इंदौर के चर्चित शिवानी हत्याकांड में जिला अदालत ने आरोपी पति और बैंक अधिकारी अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने माना कि अमितेष ने सुनियोजित तरीके से पत्नी शिवानी पटेरिया की हत्या कर उसे सर्पदंश से हुई मौत दिखाने की कोशिश की। करीब साढ़े छह साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और संरक्षित वन्यजीव कोबरा की हत्या के मामलों में दोषी करार दिया।
620 किलोमीटर दूर से खरीदा था कोबरा
अभियोजन के अनुसार अमितेष राजस्थान के अलवर से करीब 620 किलोमीटर दूर से ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का कोबरा 30 हजार रुपए में खरीदकर इंदौर लाया था। उसने कोबरा को 11 दिन तक घर में छिपाकर रखा। मौका मिलने पर पत्नी का तकिए से गला घोंटकर हत्या कर दी और बाद में कोबरा को मारकर उसके दांत पत्नी के हाथ में गड़ा दिए, ताकि मौत सर्पदंश से हुई साबित की जा सके।
Indore Crime News: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोली साजिश की पोल
1 दिसंबर 2019 को शिवानी को अस्पताल ले जाया गया, जहां परिजनों ने सर्पदंश से मौत की बात कही। हालांकि पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच में स्पष्ट हुआ कि मौत सांप के जहर से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। मेडिकल बोर्ड ने तकिए या किसी वस्तु से मुंह दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि की।
Indore Crime News: फोरेंसिक और कॉल रिकॉर्ड बने अहम सबूत
जांच के दौरान घटनास्थल से तकिया, बिस्तर, मृत कोबरा और अन्य सामग्री जब्त की गई। फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, वॉयस सैंपल और आरोपी व उसकी बहन के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग को अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। गवाहों ने भी बताया कि घटना के समय घर में पति-पत्नी ही मौजूद थे।
दूसरी महिला से संबंध का भी लगा आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया था कि अमितेष दिल्ली की एक महिला के संपर्क में था और पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह के बाद से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और परिवार करीब 25 लाख रुपए दे चुका था।
कोबरा की हत्या पर भी मिली अलग सजा
अदालत ने हत्या के अलावा संरक्षित वन्यजीव कोबरा की हत्या के मामले में तीन साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं साक्ष्य मिटाने के अपराध में दो साल की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई। कोर्ट ने माना कि संरक्षित वन्यजीव का इस्तेमाल अपराध छिपाने के लिए करना गंभीर अपराध है।
साढ़े छह साल बाद मिला इंसाफ
24 जून 2026 को अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अमितेष ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत पत्नी की हत्या की और उसे प्राकृतिक सर्पदंश से हुई मौत साबित करने का प्रयास किया। अदालत ने सभी वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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