BENGAL ELECTION: भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने ममता बनर्जी पर चुनाव में हार के बाद इस्तीफा न देने को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह रुख लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संवैधानिक मानदंडों के खिलाफ है।
संविधान में गरिमापूर्ण सत्ता हस्तांतरण का प्रावधान
मनोज तिवारी ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो किसी मुख्यमंत्री को राजनीतिक वैधता खत्म होने के बाद भी पद पर बने रहने के लिए बाध्य करे। उन्होंने कहा कि संविधान सत्ता के शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण हस्तांतरण का स्पष्ट रास्ता देता है।
BENGAL ELECTION: बहुमत ही तय करता है सरकार
उन्होंने कहा, “देश संविधान से चलता है और इसमें पद छोड़ने की गरिमा भी शामिल है। सदन में विश्वास मत के जरिए यह तय होता है कि किसके पास बहुमत है और उसी आधार पर सरकार बनती है।”
ममता के रुख को बताया नकारात्मक
तिवारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का यह रवैया उनकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है और इससे यह संदेश जाता है कि वह लोकतंत्र और संविधान के अनुरूप आचरण नहीं कर रहीं।
BENGAL ELECTION: हिंसा के मुद्दे पर भी हमला
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर उन्होंने कहा कि राज्य में राजनीतिक हिंसा का इतिहास रहा है और इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सनातन विवाद पर योगी का समर्थन
सनातन धर्म को लेकर चल रही बहस पर उन्होंने योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि जो भी इसका अपमान करेगा, उसे जनता के बीच हार का सामना करना पड़ेगा। तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र व्यक्ति नहीं, बल्कि संविधान और स्थापित प्रक्रियाओं से चलता है।
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