MP Congress: मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस आंदोलन को जन विरोधी बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों के हित में नहीं, बल्कि राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
चक्का जाम को बताया जन विरोधी कदम
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस का यह चक्का जाम आम नागरिकों को बंधक बनाने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के आंदोलन से एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी आपात सेवाएं प्रभावित होंगी, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उनके अनुसार, किसानों के नाम पर किया जा रहा यह आंदोलन गैर जिम्मेदाराना है और इससे व्यापार, यातायात और दैनिक जीवन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
MP Congress: कांग्रेस पर लगाए आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें किसानों के मुद्दों पर आंदोलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कर्जमाफी के झूठे वादे कर किसानों को डिफाल्टर बना दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को किसानों से माफी मांगनी चाहिए और आत्मचिंतन करना चाहिए।
सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख
खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार हर किसान से एक-एक दाना गेहूं खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने किसानों की लगभग 2800 करोड़ रुपये की राशि जमा कर उन्हें डिफाल्टर की श्रेणी से बाहर निकाला है। इसके साथ ही किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बोनस देकर 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी की जा रही है।
MP Congress: समर्थन मूल्य और नीतियों पर जोर
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में किसानों को उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल पाया, जबकि वर्तमान सरकार ने पिछले वर्षों में समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए कहा कि इन्हें लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने और कृषि जोखिम को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने अंत में कहा कि मध्य प्रदेश दलहन उत्पादन में देश में पहले और खाद्यान्न व तिलहन उत्पादन में दूसरे स्थान पर है, जो सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। कांग्रेस को आंदोलन करने के बजाय किसानों के हित में सकारात्मक सहयोग करना चाहिए।








