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कोलकाता गोदाम हादसे में मृतकों की संख्या पांच पहुंची, मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान जारी

Kolkata warehouse accident: कोलकाता गोदाम हादसे में पाँच मरे

Kolkata warehouse accident: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हादसे में कई कर्मचारी घायल हुए हैं, जबकि कुछ लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। बचाव दल लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। प्रशासन का दावा है कि मलबे में फंसे कुछ लोगों से संपर्क स्थापित कर लिया गया है और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

25 लोगों को बचाया गया, कई घायल

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शाम को अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 25 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसे में पांच लोगों की जान चली गई है, जबकि 20 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन के अनुसार सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Kolkata warehouse accident: कोलकाता गोदाम हादसे में पाँच मरे

Kolkata warehouse accident:  मलबे में अभी भी फंसे हैं कई कर्मचारी

पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभी भी लगभग 12 से 15 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा बल, पुलिस और सेना के जवान संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि फंसे हुए कुछ लोगों से संपर्क हो चुका है, जिससे उनके जीवित होने की उम्मीद बनी हुई है। बचाव दल भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटा है।

गलत निर्माण योजना को बताया हादसे की वजह

मुख्यमंत्री ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि प्रारंभिक जांच में निर्माण योजना में गंभीर खामियां सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित गोदाम की योजना को इस वर्ष जनवरी में मंजूरी मिली थी, लेकिन अब इसकी तकनीकी जांच कराई जा रही है। गोदाम के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में निर्माणाधीन सभी व्यावसायिक भवनों पर 31 जुलाई तक काम रोकने का आदेश दिया गया है। इस अवधि में सभी परियोजनाओं के दस्तावेजों और निर्माण मानकों की जांच की जाएगी।

 

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