Kota Medical: राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की बिगड़ती हालत और दो महिलाओं की मौत के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। ऑपरेशन के बाद कई महिलाओं की तबीयत अचानक खराब होने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से तुरंत हस्तक्षेप कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल में ऑपरेशन के बाद बिगड़ी महिलाओं की हालत
जानकारी के अनुसार, चार मई को अस्पताल में कुल 12 प्रसव हुए थे, जिनमें से 10 सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए कराए गए। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही कई प्रसूताओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। मरीजों में रक्तचाप कम होना, प्लेटलेट्स घट जाना और किडनी संबंधी गंभीर समस्याएं सामने आईं। स्थिति बिगड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने गंभीर मरीजों को सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में स्थानांतरित किया। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी रही, लेकिन इसके बावजूद दो महिलाओं की जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों में भय और नाराजगी का माहौल है।
Kota Medical: दो प्रसूताओं की मौत से मचा हड़कंप
इस मामले में पहली मौत रावतभाटा निवासी पायल की बताई जा रही है। इसके बाद गुरुवार को अनंतपुरा निवासी 20 वर्षीय ज्योति ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों महिलाओं में किडनी फेल होने के लक्षण सामने आए थे। साथ ही उनका रक्तचाप लगातार गिर रहा था और प्लेटलेट्स काउंट भी बेहद कम हो गया था। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई मरीजों में यूरिन पास होना बंद हो गया था, जिसके बाद हालत और गंभीर हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर ऑपरेशन के बाद मरीजों की निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पूरे मामले को अक्षम्य लापरवाही करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रसूताएं पूरी रात दर्द से तड़पती रहीं, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। गहलोत ने आरोप लगाया कि सिस्टम की इतनी बड़ी विफलता के बावजूद मुख्यमंत्री स्तर पर चुप्पी बेहद संवेदनहीनता दर्शाती है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तुरंत स्थिति की समीक्षा करें और जिम्मेदार अधिकारियों तथा चिकित्साकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। गहलोत ने कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
Kota Medical: स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि समय पर सही उपचार और निगरानी नहीं मिलने के कारण महिलाओं की हालत बिगड़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि सिजेरियन ऑपरेशन के बाद मरीजों की निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है, जबकि प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है।
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