Operation Sindoor: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर देश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर सैन्य अभियान की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने का आरोप लगाया है। हालांकि विपक्ष ने भारतीय सेना की क्षमता और साहस की खुलकर सराहना भी की। नेताओं का कहना है कि देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण अभियानों पर संसद और जनता को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
सौगत रॉय बोले- सांसद होने के बावजूद नहीं मिली जानकारी
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने कहा कि उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि वह संसद सदस्य हैं, लेकिन इसके बावजूद अभियान का पूरा विवरण साझा नहीं किया गया। सौगत रॉय ने कहा कि सरकार केवल यह दावा कर रही है कि 88 घंटे तक चले अभियान में दुश्मन के कई ठिकानों को नष्ट किया गया, लेकिन वास्तव में क्या हासिल हुआ, इसे लेकर अब भी रहस्य बना हुआ है। उन्होंने अभियान में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश हमेशा उनके बलिदान को याद रखेगा। साथ ही उन्होंने पारदर्शिता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
Operation Sindoor: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उठाए सवाल
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया, संचार एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष अरबिंदा दास ने कहा कि भारत की सैन्य शक्ति पाकिस्तान की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है और इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं को अभियान की जानकारी से दूर रखा गया। अरबिंदा दास ने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को अंधेरे में रखने की आदी हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर की स्पष्ट और विस्तृत जानकारी देश के सामने रखे, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे। वहीं कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा इस सैन्य अभियान का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हमेशा शानदार काम करती है और पूरा देश उसके साथ खड़ा है, लेकिन किसी सैन्य कार्रवाई का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक मिशन
दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत का ऐतिहासिक मिशन बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने दुश्मनों को भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत और सटीक कार्रवाई की क्षमता का एहसास कराया है। शाह ने कहा कि भारतीय सेना ने साहस, रणनीति और आधुनिक तकनीक के दम पर इस मिशन को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारतीय सेना हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। सरकार का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सैन्य शक्ति को वैश्विक स्तर पर और मजबूत पहचान दिलाई है।
Operation Sindoor: सैन्य उपलब्धि पर राजनीति तेज
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जहां सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की बड़ी सफलता बता रही है, वहीं विपक्ष पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और अधिक गर्मा सकता है। फिलहाल भारतीय सेना की क्षमता और वीरता को लेकर पूरे देश में सम्मान और गर्व का माहौल बना हुआ है।








