LOP RAJASTHAN: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन स्कूलों में मीडिया की एंट्री और फोटो-वीडियोग्राफी पर रोक का मुद्दा गरमा गया। गुरुवार को कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना देकर सरकार के फैसले का विरोध किया और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट समेत कई नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की बदहाल स्थिति को सामने आने से रोकना चाहती है। हालांकि, शिक्षा मंत्री का कहना है कि नियम मीडिया को रोकने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों की निजता, सुरक्षा और पढ़ाई के माहौल को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए हैं।
पोद्दार स्कूल से विधानसभा तक निकाला मार्च
कांग्रेस विधायक सुबह सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर स्कूल पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में विधायक स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, जूली को स्कूल के अंदर जाकर बच्चों से मिलने और स्थिति का जायजा लेने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की ओर मार्च किया। विधानसभा गेट पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ नेता बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जबकि अभिमन्यु पूनिया, घनश्याम मेहर और डीडी बैरवा विधानसभा गेट पर चढ़ गए। डोटासरा ने उन्हें नीचे उतरने को कहा।
LOP RAJASTHAN: स्कूलों में कैमरा और मीडिया पर रोक क्यों लगी?
राजस्थान शिक्षा विभाग ने 16 अगस्त को सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री और बिना अनुमति फोटो, वीडियो, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग तथा लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक से जुड़े निर्देश जारी किए थे। नियमों के मुताबिक, बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश के लिए अनुमति लेनी होगी और फोटो-वीडियो या रिकॉर्डिंग के लिए भी संबंधित स्कूल प्रबंधन की अनुमति जरूरी होगी। विभाग ने इसका आधार बच्चों की निजता, गरिमा और सुरक्षा बताया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी कहा है कि नाबालिग छात्रों की फोटो, वीडियो या बाइट लेने से पहले अभिभावकों की अनुमति जरूरी होनी चाहिए। विभाग ने यह भी कहा है कि स्कूलों की जिम्मेदारी बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
21 मिनट चली विधानसभा की कार्यवाही
कांग्रेस के धरने के बीच सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई। दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही सुबह 11:22 बजे शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। यानी पहले दिन सदन महज 21 मिनट चला। इस दौरान दो विधेयक गीतांजलि ग्लोबल विश्वविद्यालय जयपुर विधेयक और राजस्थान वृक्ष संरक्षण विधेयक सदन में पेश किए गए। विधानसभा के बाहर BAP विधायकों ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
LOP RAJASTHAN: पायलट बोले- शिक्षा मंत्री को देना चाहिए इस्तीफा
सचिन पायलट ने स्कूलों में मीडिया और कैमरों पर रोक को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पत्रकारों को प्रवेश नहीं मिलेगा और फोटो-वीडियो भी नहीं बनाने दिए जाएंगे तो शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने कैसे आएगी। पायलट ने राजस्थान के स्कूलों की स्थिति और हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। वहीं सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस के सदन में नहीं आने पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष समय पर सदन में आता तो उसे वंदे मातरम् गाना पड़ता।








