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एमपी में भाजपा की तीनों राज्यसभा सीटों पर जीत, कांग्रेस सड़कों अपर उतरी

Meenakshi Natarajan

Meenakshi Natarajan: मध्य प्रदेश की राज्यसभा चुनावी प्रक्रिया में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद भारतीय जनता पार्टी की तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया है। इस घटनाक्रम के बीच प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस जहां इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया।

नामांकन खारिज होने से बदला चुनावी समीकरण

राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी ने मंगलवार को कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया। इसके साथ ही चुनावी मुकाबले की संभावना समाप्त हो गई और भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत लगभग तय हो गई। नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी ने चुनावी मैदान में अपनी एकमात्र उम्मीदवार उतारी थी, लेकिन उनका नामांकन वैध नहीं माना गया।

Meenakshi Natarajan: भाजपा ने उठाए थे गंभीर सवाल

भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी नामांकन पत्र में साझा नहीं की। आपत्ति में कहा गया कि एक महिला द्वारा दायर याचिका में नटराजन का नाम सामने आया है और इस तथ्य का खुलासा नहीं किया गया। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है और उम्मीदवारों को सभी आवश्यक जानकारियां प्रस्तुत करनी चाहिए।

कांग्रेस ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र

कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई औपचारिक प्रकरण दर्ज नहीं है, बल्कि केवल न्यायालय का नोटिस जारी हुआ था। उनका दावा है कि चुनावी नियमों के अनुसार केवल दर्ज मामलों की जानकारी देना आवश्यक होता है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।

                                                                     मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के रद्द होने के बाद जीतू पटवारी चुनाव आयोग के बाहर बैठे।

Meenakshi Natarajan: रिसॉर्ट राजनीति से लेकर बयानबाजी तक गरमाई सियासत

नामांकन विवाद से पहले कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें दूसरे राज्य भेजने की तैयारी में भी चर्चा में रही। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। हालांकि अब नामांकन खारिज होने के बाद भाजपा की तीनों सीटों पर निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया है। वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए राजनीतिक लड़ाई जारी रखने की बात कह रही है।

 

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