MLC Elections 2026: उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों के नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक और स्नातक सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की, जबकि महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक क्षेत्र में कांग्रेस ने बीजेपी को हराया। बिहार में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने विधान परिषद में अपना खाता खोला। वहीं, कर्नाटक में बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने सभी चार सीटें जीत लीं। जानिए चारों राज्यों में किस सीट पर किस उम्मीदवार को जीत मिली और इन नतीजों के क्या मायने हैं।
MLC चुनावों के नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हुए विधान परिषद यानी MLC चुनावों के नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। चारों राज्यों की 28 सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था। 27 अक्टूबर से शुरू हुई मतगणना के बाद सभी सीटों के परिणाम सामने आए। बीजेपी ने 13 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी को पांच सीटें मिलीं। कांग्रेस एक सीट पर ही जीत हासिल कर सकी। बीजेपी के सहयोगियों को मिलाकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने कुल 16 सीटें जीतीं।
इन चुनावों में कई नतीजे चर्चा में रहे। उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने छह और सपा ने पांच सीटें जीतीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर सपा की जीत ने ध्यान खींचा। महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने बीजेपी को हराया। बिहार में जन सुराज पार्टी को पहली बार विधान परिषद में प्रतिनिधित्व मिला, जबकि कर्नाटक में बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने सभी चार सीटों पर कब्जा जमाया।
MLC Elections 2026: पहले समझिए, MLC चुनाव क्या होते हैं?
MLC का पूरा नाम Member of Legislative Council है। हिंदी में इसे विधान परिषद सदस्य कहा जाता है। विधान परिषद राज्य विधानमंडल का उच्च सदन है। इसकी तुलना कुछ हद तक संसद के राज्यसभा सदन से की जाती है। हालांकि, देश के सभी राज्यों में विधान परिषद नहीं है। विधान परिषद की कुछ सीटों के लिए शिक्षकों और स्नातकों के निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव कराए जाते हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित पात्रता रखने वाले शिक्षक मतदाता वोट डालते हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में तय शर्तें पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदान करते हैं।
इसलिए MLC चुनावों का मतदाता वर्ग विधानसभा चुनावों से अलग होता है। इन नतीजों से संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों की लोकप्रियता, स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक दलों के संगठन की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, इन परिणामों को पूरे राज्य के मतदाताओं की पसंद का सीधा संकेत मानना उचित नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश: बीजेपी को 6, सपा को 5 सीटें
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला हुआ। अंतिम परिणामों में बीजेपी ने छह और सपा ने पांच सीटें जीतीं। बीजेपी को चार शिक्षक और दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सफलता मिली। वहीं, सपा ने तीन शिक्षक और दो स्नातक सीटों पर जीत दर्ज की।
उत्तर प्रदेश की पूरी विजेता सूची
निर्वाचन क्षेत्र विजेता पार्टी
मेरठ स्नातक दिनेश कुमार गोयल बीजेपी
आगरा स्नातक डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह बीजेपी
इलाहाबाद-झांसी स्नातक डॉ. मान सिंह यादव सपा
लखनऊ शिक्षक उमेश द्विवेदी बीजेपी
वाराणसी शिक्षक लाल बिहारी यादव सपा
आगरा-अलीगढ़ शिक्षक डॉ. आकाश अग्रवाल सपा
मेरठ शिक्षक श्रीचंद शर्मा बीजेपी
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक डॉ. हरि सिंह ढिल्लों बीजेपी
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक ध्रुव कुमार त्रिपाठी बीजेपी
लखनऊ स्नातक कांति सिंह सपा
वाराणसी स्नातक आशुतोष सिन्हा सपा
MLC Elections 2026: वाराणसी में सपा की जीत क्यों चर्चा में रही?
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। यहां शिक्षक और स्नातक, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में सपा ने जीत दर्ज की। शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव ने सफलता हासिल की, जबकि स्नातक सीट पर आशुतोष सिन्हा विजयी रहे। लखनऊ स्नातक सीट पर कांति सिंह की जीत ने भी सपा के प्रदर्शन को मजबूती दी।
वाराणसी की दोनों सीटों पर सपा की जीत राजनीतिक रूप से चर्चा में रही, लेकिन इन निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता पूरे संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करते। इसलिए इसे वाराणसी के सभी मतदाताओं के जनादेश के तौर पर देखना सही नहीं होगा। फिर भी, इन नतीजों से संबंधित मतदाता समूहों के बीच सपा की स्थिति का पता चलता है।

बिहार: जन सुराज ने खोला खाता, RJD को भी मिली जीत
बिहार की आठ विधान परिषद सीटों में बीजेपी ने तीन सीटें जीतीं। जनता दल (यूनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल और जन सुराज पार्टी को एक-एक सीट मिली, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। जन सुराज के लिए यह चुनाव खास रहा, क्योंकि पार्टी ने पहली बार विधान परिषद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
बिहार की पूरी विजेता सूची
निर्वाचन क्षेत्र विजेता पार्टी
कोसी स्नातक डॉ. एनके यादव बीजेपी
सारण शिक्षक राहुल राज निर्दलीय
पटना शिक्षक डॉ. संजीव कुमार यादव RJD
तिरहुत शिक्षक नरेंद्र प्रसाद सिंह बीजेपी
दरभंगा शिक्षक डॉ. सुरेश प्रसाद राय जन सुराज
पटना स्नातक नीरज कुमार जेडीयू
तिरहुत स्नातक बंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय
दरभंगा स्नातक सर्वेश कुमार बीजेपी
बिहार में कौन-से नतीजे रहे अहम?
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में RJD के डॉ. संजीव कुमार यादव ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव को हराया। नवल किशोर यादव लंबे समय से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। ऐसे में उनकी हार चुनाव के प्रमुख नतीजों में शामिल रही।
दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा को हराकर जीत हासिल की। इस जीत से जन सुराज को विधान परिषद में पहली बार प्रतिनिधित्व मिला। वहीं, सारण और तिरहुत स्नातक सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत ने दिखाया कि इन चुनावों में प्रमुख दलों के अलावा स्वतंत्र उम्मीदवार भी प्रभावी रहे।
महाराष्ट्र: नागपुर में कांग्रेस की जीत, बीजेपी को झटका
महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों पर अलग-अलग दलों को सफलता मिली। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहले को हराया। नागपुर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जुड़ा प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र है। इस वजह से यहां कांग्रेस की जीत पर खास चर्चा हुई।
महाराष्ट्र की पूरी विजेता सूची
निर्वाचन क्षेत्र विजेता पार्टी
पुणे शिक्षक कौस्तुभ गावडे बीजेपी
अमरावती शिक्षक किरण सरनाईक शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट)
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक प्रतापसिंह पाटील NCP (शरदचंद्र पवार)
पुणे स्नातक हर्षदा देशमुख-जाधव NCP (शरदचंद्र पवार)
नागपुर स्नातक अभिजीत वंजारी कांग्रेस
महाराष्ट्र में शरद पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गुट ने दो सीटें जीतीं। बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को एक-एक सीट मिली, जबकि नागपुर सीट कांग्रेस के खाते में गई। नागपुर में कांग्रेस की जीत को बीजेपी के लिए अहम झटके के तौर पर देखा गया। MLC चुनावों में मतदाता सीमित निर्वाचन क्षेत्रों से आते हैं और उनकी प्राथमिकताएं विधानसभा चुनावों के मतदाताओं से अलग हो सकती हैं।
MLC Elections 2026: कर्नाटक: बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने जीतीं चारों सीटें
कर्नाटक की चार विधान परिषद सीटों पर बीजेपी और उसकी सहयोगी जनता दल (सेक्युलर) ने जीत दर्ज की। बीजेपी ने तीन सीटें जीतीं, जबकि बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जेडीएस के खाते में गया। इस तरह गठबंधन ने सभी चार सीटों पर कब्जा जमाया।
कर्नाटक की पूरी विजेता सूची
निर्वाचन क्षेत्र विजेता पार्टी
बेंगलुरु शिक्षक ए.पी. रंगनाथ जेडीएस
उत्तर-पूर्व शिक्षक शशिल जी. नमोशी बीजेपी
दक्षिण-पूर्व स्नातक के.एम. सुरेश बीजेपी
पश्चिम स्नातक एस.वी. संकनूर बीजेपी
बेंगलुरु शिक्षक सीट पर जेडीएस उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ की जीत गठबंधन के लिए अहम रही। बीजेपी ने बाकी तीन सीटें अपने नाम कीं। कांग्रेस शासित राज्य में इन चारों निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली। हालांकि, इन नतीजों को राज्य की पूरी राजनीतिक तस्वीर नहीं माना जा सकता, क्योंकि विधान परिषद चुनावों का मतदाता आधार विधानसभा चुनावों से अलग होता है।
MLC Elections 2026: चार राज्यों में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
चारों राज्यों की 28 सीटों के परिणामों में बीजेपी सबसे अधिक सीटें जीतने वाली पार्टी रही। पार्टीवार स्थिति इस प्रकार है:
पार्टी जीती गई सीटें
बीजेपी 13
सपा 5
NCP 2
कांग्रेस 1
जनता दल 1
ज.दल (सेक्युलर) 1
राष्ट्रीय जनता दल 1
जन सुराज पार्टी 1
शिवसेना (शिंदे) 1
निर्दलीय 2
कुल 28
बीजेपी ने 13 सीटें जीतीं। उसके सहयोगियों जेडीयू, जेडीएस और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को एक-एक सीट मिली। इस तरह NDA का कुल आंकड़ा 16 सीटों तक पहुंचा। दूसरी ओर, सपा ने उत्तर प्रदेश में पांच सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, जबकि कांग्रेस को महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक सीट पर सफलता मिली।
MLC चुनाव 2026 के नतीजों के क्या मायने हैं?
इन परिणामों में बीजेपी कुल सीटों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उत्तर प्रदेश में सपा ने पांच सीटें जीतकर बीजेपी को कड़ी चुनौती दी। वाराणसी की दोनों सीटों पर उसकी जीत खास चर्चा में रही। बिहार में जन सुराज को पहली बार विधान परिषद में प्रतिनिधित्व मिला, जबकि RJD ने पटना शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की। महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस की सफलता भी चुनाव के प्रमुख नतीजों में शामिल रही। वहीं, कर्नाटक में बीजेपी-जेडीएस गठबंधन ने चारों सीटें जीत लीं। विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सीमित मतदाता हिस्सा लेते हैं, जबकि विधानसभा चुनावों में व्यापक मतदाता वर्ग मतदान करता है। उम्मीदवारों की स्थानीय पकड़, निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दे और संगठन की सक्रियता भी नतीजों को प्रभावित कर सकती है।
कुल मिलाकर, चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी और NDA सबसे बड़ा गठबंधन बनकर उभरा। लेकिन वाराणसी में सपा की जीत, नागपुर में कांग्रेस की सफलता और बिहार में जन सुराज के खाते खुलने जैसे परिणामों ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया। ये नतीजे संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की स्थिति और स्थानीय मतदाताओं की पसंद की झलक देते हैं।
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