Mumbai news: मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर पालघर के पास एक बड़ा गड्ढा लोगों के लिए मुसीबत बन गया। सड़क धंसने के बाद उसमें से लोहे की सरिया बाहर निकल आई, जिससे वहां से गुजरने वाली कई गाड़ियों के टायर फट गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला महाराष्ट्र विधानसभा तक पहुंच गया, जहां विपक्ष ने सरकार को घेर लिया।
पालघर में हाईवे पर मचा हड़कंप
यह घटना पालघर जिले के महालक्ष्मी मंदिर के पास हुई। सड़क धंसने के कारण बाहर निकली लोहे की सरिया तेज रफ्तार से गुजर रही गाड़ियों के लिए खतरा बन गई। कई वाहनों के टायर पंचर हो गए, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय विधायक और शिंदे शिवसेना के नेता राजेंद्र गावित ने दावा किया कि इस घटना में करीब 100 गाड़ियों के टायर पंचर हुए। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही अधिकारियों को मौके पर भेजा गया और सड़क की मरम्मत शुरू करा दी गई। उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाईवे की खराब हालत लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है।
Mumbai news: विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरा
घटना को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के कारण सड़कों की हालत खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी इस हाईवे की खराब स्थिति को लेकर आंदोलन कर चुकी है, लेकिन हालात नहीं बदले। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि सरकार खुद को इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर प्रचारित करती है, लेकिन मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे, अटल सेतु और अन्य सड़कों की स्थिति कुछ और ही कहानी बयां करती है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने बिना नाम लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत जनता के सामने है। एनसीपी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक ने भी अधिकारियों को फील्ड में जाकर काम करने की सलाह देते हुए कहा कि सिर्फ दफ्तरों में बैठने से सड़कें सुरक्षित नहीं बनेंगी।
Mumbai news: सरकार ने क्या कहा?
राज्य के सार्वजनिक निर्माण एवं सड़क निर्माण मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जानकारी मिलते ही संबंधित एजेंसियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने माना कि सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई में देरी होना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित अधिकारियों को तुरंत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शिंदे शिवसेना के मंत्री आशीष जायसवाल ने भी कहा कि इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
फिलहाल गड्ढा भर दिया गया, लेकिन सवाल बरकरार
Mumbai news: अधिकारियों ने जिस गड्ढे की वजह से यह पूरा मामला हुआ, उसकी मरम्मत कर दी है। हालांकि, बारिश के मौसम में बार-बार सड़कों पर गड्ढे बनने की घटनाएं यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि क्या संबंधित एजेंसियां समय रहते ऐसी खामियों को ठीक कर पाएंगी। इस बार बड़ा हादसा टल गया, लेकिन अगर समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी लापरवाही गंभीर दुर्घटना की वजह बन सकती है।
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