Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुजफ्फरनगर को जाट समाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां होने वाली जाट समाज की रैलियों में राष्ट्रीय लोक दल के झंडे और जयंत चौधरी के समर्थन की झलक अक्सर दिखाई देती है। इसी माहौल को समझने के लिए दिल्ली से मुजफ्फरनगर पहुंची ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय किसानों और लोगों से बातचीत की गई और यह जानने की कोशिश की गई कि इस समय उनका राजनीतिक रुख क्या है।
Muzaffarnagar: जयंत चौधरी के समर्थन की बात
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान लोगों ने जयंत चौधरी के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी। एक व्यक्ति ने कहा कि जयंत चौधरी का समर्थन एकतरफा है। वहीं, अखिलेश यादव को लेकर पूछे जाने पर लोगों ने कहा कि मुजफ्फरनगर में उनका प्रभाव नहीं है और यहां उनकी पार्टी का कोई खास वोट नहीं है। बातचीत में यह भी कहा गया कि अब चर्चा में योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी हैं और दोनों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात कही जा रही है।
योगी सरकार के काम का किया जिक्र
बातचीत के दौरान किसानों ने गन्ने के दाम बढ़ाए जाने का भी जिक्र किया। एक व्यक्ति ने कहा कि पिछले समय में गन्ने का भाव बढ़ाया गया और करीब 150 रुपये की बढ़ोतरी की गई। इसी आधार पर उन्होंने योगी आदित्यनाथ के काम को लेकर अपनी राय रखी। लोगों ने कहा कि जाट समाज में जयंत चौधरी के लिए समर्थन बना हुआ है और योगी सरकार के साथ भी लोग खड़े दिखाई दे रहे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय लोगों ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। एक व्यक्ति ने कहा कि पहले रात में 12 या 2 बजे बाहर निकलने पर डर का माहौल रहता था, लेकिन अब उन्हें सुरक्षा महसूस होती है। उन्होंने कहा कि आज लोग खुद को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं।
Muzaffarnagar: हिंदू-मुस्लिम और दलित समाज को लेकर भी हुई चर्चा
बातचीत के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सामाजिक माहौल का भी जिक्र हुआ। लोगों ने कहा कि क्षेत्र में हिंदू, मुस्लिम और दलित समाज के लोग साथ रहते हैं। एक व्यक्ति ने दावा किया कि अच्छे और मेहनत करने वाले मुस्लिम लोगों का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, उसने अपराध करने वालों को लेकर अलग राय जाहिर की।
अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर भी सवाल
ग्राउंड रिपोर्ट में लोगों से यह भी पूछा गया कि अगर कांग्रेस या समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है तो किसानों के भविष्य पर उसका क्या असर होगा। जवाब में कुछ लोगों ने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री और जयंत चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं तो किसान के लिए स्थिति बेहतर हो सकती है। वहीं, कांग्रेस या सपा की सरकार आने पर उन्होंने किसानों के भविष्य को लेकर चिंता जताई।
Muzaffarnagar: जयंत चौधरी की छवि का किया जिक्र
बातचीत में जयंत चौधरी और उनके परिवार की राजनीतिक छवि को लेकर भी सवाल उठाया गया। एक व्यक्ति ने कहा कि चौधरी चरण सिंह और अजित सिंह के बाद जयंत चौधरी की छवि पर कोई बड़ा दाग या घोटाले का आरोप बताना मुश्किल है। इसके विपरीत, उसने जिले की राजनीति में घोटालों और विवादों को लेकर नाराजगी जताई।
चौधरी चरण सिंह का भी आया नाम
स्थानीय लोगों ने चौधरी चरण सिंह के किसान हितों से जुड़े राजनीतिक इतिहास का भी जिक्र किया। बातचीत में कहा गया कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों और समाज के अलग-अलग वर्गों के लिए काम किया था। इसी वजह से जयंत चौधरी के समर्थक आज भी उनकी राजनीतिक विरासत को महत्वपूर्ण मानते हैं।
Muzaffarnagar: 2027 के चुनाव को लेकर क्या बोले लोग?
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी लोगों से सवाल किया गया। जवाब में कुछ लोगों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी के साथ आने से मुजफ्फरनगर की तस्वीर अगले पांच साल में बदल सकती है। किसानों, गरीबों और मजदूरों को साथ लेकर चलने वाली सरकार की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
गन्ने के दाम और किसान मुद्दा प्रमुख
स्थानीय लोगों की बातचीत में गन्ने के दाम का मुद्दा बार-बार सामने आया। कुछ लोगों ने कहा कि गन्ने का भाव बढ़ना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। बातचीत में 100 रुपये की बढ़ोतरी की मांग या उम्मीद का भी उल्लेख किया गया। लोगों ने कहा कि किसान के मुद्दों पर बात करने वाली राजनीति को समर्थन मिलना चाहिए।
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में किस ओर दिख रहा माहौल?
पूरी ग्राउंड रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के बीच जयंत चौधरी और योगी आदित्यनाथ के समर्थन की बातें सुनने को मिलीं। हालांकि, यह बातचीत कुछ स्थानीय लोगों की राय को दर्शाती है और इसे पूरे मुजफ्फरनगर या जाट समाज के सभी लोगों की राय नहीं माना जा सकता। रिपोर्ट में लोगों ने किसान, गन्ने का भाव, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और 2027 के चुनाव जैसे मुद्दों पर अपनी-अपनी राय रखी।









