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सनक या नशा? मुजफ्फरनगर के युवक ने निगलीं 3 सुइयां, जिंदगी बचाने की जद्दोजहद शुरू

Muzaffarnagar News
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Muzaffarnagar News: चिकित्सा जगत में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जो आम समझ से परे होते हैं। ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला मुजफ्फरनगर से सामने आया है जहाँ 35 वर्षीय राजू ने एक अजीबोगरीब सनक के चलते मौत को दावत दे दी। युवक ने एक नहीं बल्कि तीन नुकीली सुइयां निगल लीं। फिलहाल युवक मेरठ मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में भर्ती है जहाँ डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटी है।

अस्पताल एक्स-रे देख उड़े होश

​घटना की शुरुआत तब हुई जब राजू ने अपने परिजनों से पेट और सीने में असहनीय दर्द की शिकायत की। दर्द इतना तीव्र था कि उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उसे फौरन मुजफ्फरनगर के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। जब सामान्य उपचार से राहत नहीं मिली तो एक्स-रे कराया गया। ​एक्स-रे की फिल्म ने जो सच उगला उसने वहां मौजूद सभी को सन्न कर दिया। रिपोर्ट में राजू के पेट के भीतर तीन सुइयां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थीं। मामले की गंभीरता और सर्जरी की जटिलता को देखते हुए, स्थानीय डॉक्टरों ने उसे तत्काल मेरठ मेडिकल कॉलेज (LLRM) रेफर कर दिया।

​मेरठ मेडिकल में राजू को सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया है। यहाँ वरिष्ठ सर्जन डॉ. गौरव गुप्ता ने कमान संभाली है। डॉ. गुप्ता के अनुसार यह मामला बेहद संवेदनशील है। सुइयां पेट के अंदरूनी हिस्से में कहां अटकी हैं और वे आंतों या अन्य अंगों को कितना छेद चुकी हैं यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ​शरीर के भीतर नुकीली वस्तुओं का होना एक टिक-टिक करते बम’ जैसा है। जरा सी हलचल से आंतरिक रक्तस्राव या अंगों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। इसलिए मरीज को हाई ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है।

Muzaffarnagar News: नशे की लत बनी कारण

​प्रारंभिक जांच और डॉ. गौरव गुप्ता के बयान के मुताबिक इस जानलेवा कदम के पीछे की वजह राजू की मानसिक स्थिति और नशे की लत है। बताया जा रहा है कि राजू मानसिक रूप से विक्षिप्त है और नशे का आदी है। डॉक्टरों का मानना है कि नशे की हालत में या मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण ही उसने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा। यह घटना समाज में मानसिक स्वास्थ्य और नशे के दुष्प्रभावों की ओर भी इशारा करती है। ​डॉक्टरों की टीम अब शनिवार का इंतजार कर रही है जब राजू का विस्तृत अल्ट्रासाउंड किया जाएगा।

​अल्ट्रासाउंड का उद्देश्यसुइयों की सटीक लोकेशन ट्रेस करना और यह देखना कि उन्होंने आसपास के अंगों को कितना नुकसान पहुँचाया है। सर्जरी की चुनौती रिपोर्ट आने के बाद ही ऑपरेशन की रणनीति तय होगी। सुइयों को सुरक्षित बाहर निकालना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। राहत की बात यह है कि समय रहते इलाज मिलने से फिलहाल राजू की हालत स्थिर है लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। मेडिकल कॉलेज के सर्जन्स की टीम पूरी एहतियात बरत रही है ताकि बिना किसी जटिलता के मरीज को नया जीवन दिया जा सके।

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