NEET: नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटना ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने अनियमितताओं के चलते परीक्षा रद्द कर दी है, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है। एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार ने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे सिस्टम की बुनियाद कमजोर हो चुकी है और छात्रों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
शरद पवार ने की केंद्र सरकार पर तीखी टिप्पणी
शरद पवार ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि हाल के दिनों में पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद केंद्र सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में देश भर से लाखों छात्र शामिल होते हैं और उनके भविष्य की दिशा इसी पर निर्भर करती है। पवार ने यह भी कहा कि अनियमितताएं अत्यंत गंभीर हैं और इससे छात्रों में असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा हो रही है।
NEET: विभिन्न राज्यों में सामने आई अनियमितताएं
एनसीपी-एसपी प्रमुख ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल परीक्षा में अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह साफ दिखाता है कि पूरी परीक्षा व्यवस्था कितनी चरमरा गई है। उन्होंने छात्रों की परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे बड़ी समस्या अनिश्चितता है क्योंकि छात्रों को नहीं पता कि परीक्षाएं दोबारा कब आयोजित की जाएंगी।
सीबीआई की गिरफ्तारी और जांच की प्रगति
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या सात हो गई है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अहिल्यानगर निवासी धनंजय लोखंडा और पुणे निवासी मनीषा वाघमारे शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देशभर के 14 स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान के दौरान उनकी गिरफ्तारी हुई। दिल्ली की अदालत ने पहले गिरफ्तार पांच आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए सात दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।
ये भी पढ़ें…Bengal: बंगाल सरकार ने स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ गायन किया अनिवार्य








