Tmc: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम भावुक संदेश जारी किया है। सोशल मीडिया मंच पर साझा किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कार्यकर्ताओं के संघर्ष, साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत होकर वापसी करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और जनता के बीच लगातार काम करते रहने की अपील की।
कठिन चुनाव और अनियमितताओं के आरोप
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह चुनाव बेहद कठिन परिस्थितियों में लड़ा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर पार्टी उम्मीदवारों और मतगणना एजेंटों को जबरन हटाया गया। उन्होंने दावा किया कि मतगणना प्रक्रिया में केंद्रीय कर्मचारियों का प्रभाव देखने को मिला, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सौ से अधिक सीटों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं और जनता के जनादेश को कमजोर करने की कोशिश की गई। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी मुद्दों को संवैधानिक और कानूनी तरीके से उठाया जाएगा।
Tmc: चुनाव बाद हिंसा पर जताई चिंता
टीएमसी सांसद ने चुनाव परिणाम आने के बाद हुई हिंसा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं, कार्यालयों और घरों को निशाना बनाया गया। कई स्थानों पर आगजनी और हमले की घटनाएं हुईं, जबकि केंद्रीय बल मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि बंगाल ने पिछले कुछ दिनों में बहुत दर्द झेला है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं राज्य की संस्कृति और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ हैं।
सुप्रीम कोर्ट और लोकतंत्र पर भरोसा
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखती है। उन्होंने कहा कि सच को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता और जनता के साथ हुए हर कथित अन्याय को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता जानती है कि मुश्किल समय में कौन उनके साथ खड़ा रहा। पार्टी हर परिस्थिति में लोगों के बीच बनी रहेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
Tmc: कार्यकर्ताओं को दिया एकजुट रहने का संदेश
अपने संदेश के अंत में अभिषेक बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से धैर्य, अनुशासन और सकारात्मकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जमीन पर डटे रहकर लोगों की सेवा करते रहना ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने भरोसा जताया कि टीएमसी फिर मजबूती के साथ वापसी करेगी। उनके अनुसार, यह संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।








