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New Delhi: नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को बड़ी राहत

नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को बड़ी राहत

New Delhi: नेशनल हेराल्ड से जुड़े चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट पर अभी सुनवाई शुरू करने से मना कर दिया है।कोर्ट ने साफ कहा है कि मौजूदा चार्जशीट पर इस समय विचार संभव नहीं है, हालांकि जांच एजेंसी ED को आगे जांच जारी रखने की पूरी छूट दी गई है।

New Delhi: कोर्ट का रुख: चार्जशीट पर अभी नहीं बने हालात

इस मामले में ED ने कई लोगों और संस्थाओं को आरोपी बनाया था। इनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी के अलावा यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड के नाम शामिल हैं।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक दबाव और बदले की भावना से प्रेरित है। वहीं, ED का दावा है कि उसने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाए हैं।

New Delhi: ED का आरोप: बेहद कम रकम में की गई बड़ी संपत्तियों की डील

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को एक निजी कंपनी यंग इंडियन के जरिए मात्र 50 लाख रुपये में अपने नियंत्रण में लिया गया।ED के मुताबिक, यंग इंडियन कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की हिस्सेदारी लगभग 76 प्रतिशत है। एजेंसी का दावा है कि यह सौदा सामान्य व्यावसायिक प्रक्रिया नहीं था, बल्कि पहले से बनाई गई योजना के तहत किया गया।

988 करोड़ रुपये को बताया गया अपराध से कमाई गई रकम

जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले में 988 करोड़ रुपये को कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय माना गया है।इसके साथ ही जिन संपत्तियों को लेकर विवाद है, उनका कुल बाजार मूल्य 5,000 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है।

New Delhi: चार्जशीट से पहले संपत्तियों पर ED की कार्रवाई

चार्जशीट दाखिल होने से पहले ही ED ने इस केस में कई अहम कदम उठाए थे।12 अप्रैल 2025 को एजेंसी ने पहले से कुर्क की गई संपत्तियों को औपचारिक रूप से जब्त कर लिया।इस दौरान दिल्ली के हेराल्ड हाउस, मुंबई के बांद्रा (पूर्व) और लखनऊ के विशेश्वर नाथ रोड स्थित AJL की इमारतों पर नोटिस लगाए गए थे।इसके अलावा, नवंबर 2023 में AJL के 90.2 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर भी जब्त किए गए थे, ताकि कथित अवैध संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके।

क्या है नेशनल हेराल्ड का पूरा मामला?

नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना वर्ष 1938 में हुई थी। इसे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने मिलकर शुरू किया था। इस अखबार का संचालन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के जरिए किया जाता था।वर्ष 2008 में अखबार का प्रकाशन बंद हो गया। इसके बाद AJL की संपत्तियों और उसके अधिग्रहण को लेकर सवाल उठने लगे। यहीं से यह मामला धीरे-धीरे कानूनी और राजनीतिक विवाद में बदल गया, जो अब देश की सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है।फिलहाल कोर्ट के फैसले से गांधी परिवार को राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ED को जांच जारी रखने की अनुमति है और आने वाले समय में इस केस में नए मोड़ देखने को मिल सकते हैं।

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