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‘महिला और विवाद…’ कब-कब सवालों के घेरे में घिरे नीतीश कुमार?

CM-Nitish-Kumar
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Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से राज्य की सत्ता में बने हुए हैं और हाल ही में विधानसभा चुनाव में एक और जीत हासिल कर उन्होंने 10वीं बार मुख्यमंत्री का पद संभाला। लगातार सत्ता में बने रहने के पीछे राज्य की महिला वोटरों का समर्थन बड़ी वजह माना जाता है। उनके शासन में महिलाओं के लिए कई बड़े फैसले और साहसिक कदम उठाए गए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के महिलाओं के साथ कई बार विवादित और अजीबोगरीब व्यवहार ने उनकी छवि को प्रभावित किया है और विपक्ष को उन्हें निशाने पर लेने का मौका दिया है।

विपक्षी दलों ने जताई नाराजगी

ताजा मामला सोमवार का है, जब पटना में मुख्यमंत्री सचिवालय संवाद के दौरान नीतीश कुमार नवनियुक्त डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक महिला डॉक्टर को नियुक्ति पत्र देते समय उसके चेहरे से हिजाब हटा दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस कार्यक्रम में एक हजार से अधिक डॉक्टर शामिल थे। इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने कड़ी नाराजगी जताई। विपक्ष ने इसे मुख्यमंत्री के अस्थिर व्यवहार और महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैये का ताजा उदाहरण बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार जैसे अनुभवी नेता का यह कदम उनके लगातार सत्ता में बने रहने के इमेज को भी चुनौती दे सकता है, क्योंकि महिला वोटर्स उनकी छवि को लेकर संवेदनशील हैं।

Nitish Kumar: महिलाओं के प्रति विवादित व्यवहार कोई नया नहीं

आपको बता दें कि नीतीश कुमार का महिलाओं के प्रति विवादित व्यवहार कोई नया नहीं है। पिछले महीने समाप्त हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी वह विवादों में रहे। मुजफ्फरपुर में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भाजपा की महिला प्रत्याशी रमा निषाद को माला पहनाई, जबकि भारतीय समाज में पुरुषों की ओर से महिलाओं को माला पहनाने की परंपरा नहीं है। इस दौरान राज्यसभा सांसद संजय झा ने उनकी कार्रवाई को रोकने की कोशिश की, लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें हल्की फटकार लगाई।

विधानसभा में दिया था बयान

इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सहकारिता विभाग के एक कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने एक महिला पुरस्कार विजेता का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचा और कंधे पर हाथ रखा। चुनाव प्रचार के दौरान बेगूसराय में जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में भी उनके टिप्पणियां विवादित रही। यहीं नहीं नीतीश के विवादित बयान विधानसभा में भी अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। नवंबर 2023 में आरक्षण को लेकर प्रस्ताव पेश करते हुए उन्होंने कहा था कि ‘अगर लड़की पढ़ लेगी और जब शादी होगा, लड़का-लड़की में. और तब पुरुष है जो रोज रात में करता है ना, उसी से और पैदा हो जाते हैं. लड़की अगर पढ़ लेगी तो उसको भीतर… उसको…. इसी में संख्या घटती है.’ इस बयान पर विधानसभा में काफी हंगामा हुआ और बाद में उन्होंने माफी मांगी। जनवरी 2023 में महिलाओं के एक समारोह में उनके एक और भाषण का क्लिप वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने विवादित टिप्पणी की।

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