Opposition Protest: संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने 20 जुलाई को सीजेपी (CJP) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और एफसीआरए (FCRA) संशोधन विधेयक समेत कई मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग की।
छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ‘जेन जी’ (Gen Z) को लेकर की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में युवाओं और छात्रों की चिंता है, तो उन्हें सबसे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इस्तीफा नहीं लिया जाता, तो गृह मंत्री को संसद में आकर छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
आरएसएस पर लगाए गंभीर आरोप
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि आरएसएस सरकार को नियंत्रित कर रही है। उनका कहना था कि अगर आरएसएस सच में छात्रों के हित में है, तो उसे छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों की खुलकर निंदा करनी चाहिए।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। अब छात्र इस पूरे मामले में जवाबदेही चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आरएसएस प्रमुख की चुप्पी केवल दिखावा है।
झारखंड के छात्र आंदोलन पर कांग्रेस का रुख
वेणुगोपाल ने झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस का पक्ष भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जहां भी छात्र अपने अधिकारों और जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे, कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।उन्होंने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं और कांग्रेस आगे भी छात्रों के मुद्दों को उठाती रहेगी।
एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध
कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए एफसीआरए संशोधन विधेयक का भी विरोध किया। वेणुगोपाल ने कहा कि जब संसद का कामकाज ठीक से नहीं चल रहा है, तब इतने महत्वपूर्ण कानून को जल्दबाजी में पारित नहीं किया जाना चाहिए।उनका कहना था कि इस विधेयक का असर लाखों लोगों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस विधेयक का पूरी ताकत से विरोध करेगी और इसे पारित नहीं होने देगी।
प्रमोद तिवारी ने उठाए कई सवाल
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने मोहन भागवत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब आरएसएस डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा है।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरएसएस मानता है कि प्रदर्शनकारियों की मांगें सही हैं, तो सरकार उन्हें स्वीकार क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से संसद में हुई घटनाओं के लिए माफी मांगने की मांग भी दोहराई।साथ ही उन्होंने शिक्षा के लिए बजट का 6 प्रतिशत हिस्सा देने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
राहुल गांधी के समर्थन का किया बचाव
प्रमोद तिवारी ने रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में राहुल गांधी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों की सभी जायज समस्याओं का समाधान चाहती है।उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार ने इस मामले में चार मंत्रियों और छात्र प्रतिनिधियों की एक समिति बनाई है, जो जल्द बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के आरोपों का जवाब देते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि यदि सरकार भगवान राम के मुद्दे पर चर्चा करना चाहती है, तो विपक्ष इसके लिए तैयार है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष भगवान राम के श्रद्धालु हैं, जबकि भाजपा ने भगवान राम को राजनीति और कारोबार का माध्यम बना दिया है।
समान शिक्षा और अधिकार की मांग
कांग्रेस सांसद करमवीर सिंह बौद्ध ने भी मोहन भागवत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी बातें सुनने में अच्छी लगती हैं, लेकिन पिछले 12 वर्षों में सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक कितना पहुंचा है, यह बड़ा सवाल है।उन्होंने कहा कि देश में न्यायपालिका में लंबित समस्याएं, विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी, गरीबों के भूमि अधिकार, तथा सीवर और गटर में काम करने वाले श्रमिकों की मौत जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए।उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि वास्तव में बदलाव लाना है, तो सबसे पहले सभी वर्गों के लिए समान शिक्षा और समान अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
जेबी माथर ने राहुल गांधी का बचाव किया
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने भी छात्र आंदोलनों को लेकर राहुल गांधी के समर्थन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद के भीतर और बाहर लगातार छात्रों से मिलते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और उन्हें समझने की कोशिश करते हैं।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों की आवाज बनकर उनकी मांगों को संसद से लेकर सड़क तक लगातार उठाते रहे हैं। कांग्रेस आगे भी छात्रों को न्याय दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
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