Philippines Earthquake: फिलीपींस में आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 41 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। भूकंप के कारण 20 हजार से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में आफ्टरशॉक जारी हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
मिंडानाओ के पास था भूकंप का केंद्र
भूकंप का केंद्र फिलीपींस के दूसरे सबसे बड़े द्वीप मिंडानाओ के निकट समुद्र में स्थित था। तेज झटकों के बाद सुनामी की आशंका से हजारों लोग घरों से बाहर निकल आए। समुद्र की लहरें सामान्य स्तर से लगभग 1.4 मीटर ऊंची दर्ज की गईं। हालांकि बड़ी सुनामी नहीं आई, लेकिन इसकी लहरों का असर इंडोनेशिया, पलाऊ और दक्षिणी जापान तक महसूस किया गया। भूकंप के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें ऊंची इमारतें झूलती हुई नजर आ रही हैं।
Philippines Earthquake: भूस्खलन और इमारतें गिरने से सबसे ज्यादा नुकसान
भूकंप के बाद सबसे अधिक तबाही इमारतों के ढहने और भूस्खलन से हुई। जनरल सैंटोस शहर में इमारतों के गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं सारंगानी प्रांत के ग्लान क्षेत्र में भूस्खलन की चपेट में कई घर आ गए, जिससे 18 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी जनहानि की खबरें सामने आई हैं। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार करीब 2 हजार घर, 117 सरकारी इमारतें और कई सार्वजनिक सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।
स्कूल, हवाई अड्डा और सेवाएं प्रभावित
भूकंप के कारण जनरल सैंटोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे 63 घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। जिस दिन भूकंप आया, उसी दिन गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुले थे। कई छात्र स्कूल परिसरों में मौजूद थे और घायल हुए। सरकार ने लगभग 6 हजार सरकारी भवनों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार आ रहे झटकों के कारण क्षतिग्रस्त इमारतें कभी भी गिर सकती हैं। इसे वर्ष 1976 के बाद फिलीपींस का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है।
REPORT BY- RASHMI SHARMA
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