Pm cabinet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिपरिषद की लंबी बैठक के बाद अब सभी मंत्रालयों में तेजी से काम शुरू हो गया है। बैठक में मंत्रालयों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया, जिसमें शिकायतों के निपटारे, फाइलों के तेजी से समाधान और डिजिटल सिस्टम के इस्तेमाल को सबसे बड़ा पैमाना माना गया। कैबिनेट सचिव टी वी सोमनाथन ने सभी मंत्रालयों के प्रदर्शन का विस्तृत आकलन पेश किया। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा आधारित फैसले, डिजिटल प्लेटफॉर्म, इंटर-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन और अदालतों में लंबित मामलों को लेकर मंत्रालयों की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
इन मंत्रालयों का प्रदर्शन सबसे बेहतर
सूत्रों के मुताबिक उपभोक्ता मामले, कोयला, ऊर्जा और स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रदर्शन सबसे संतोषजनक माना गया। ऐसे समय में जब मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाएं चल रही हैं, यह रिपोर्ट काफी अहम मानी जा रही है। बैठक में यह साफ संदेश दिया गया कि सरकारी फाइलें बेवजह इधर-उधर न घूमें और फैसले तेजी से लिए जाएं। पीएम मोदी ने कम समय में ज्यादा काम और प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर जोर दिया।
Pm cabinet: शिवराज सिंह चौहान ने अफसरों को लगाई फटकार
बैठक के तुरंत बाद कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने साफ कहा कि पुरानी और जटिल प्रक्रियाओं को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि हर काम के लिए लाइसेंस की जरूरत क्यों हो? कई जगह आसान पंजीकरण व्यवस्था से भी काम चल सकता है। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को एक हफ्ते के भीतर ऐसी सभी बाधाओं की पहचान करने को कहा, जो योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी करती हैं।
Pm cabinet: “पुराना माइंडसेट काम बिगाड़ देता है”
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई बार नीचे स्तर पर बैठे अधिकारियों की पुरानी सोच की वजह से फाइलें उलझ जाती हैं। उन्होंने फाइल ड्राफ्टिंग और नोटिंग सिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभागों में ऐसे अधिकारी तैयार किए जाएं जो साफ, मजबूत और नीति के मुताबिक फाइल तैयार कर सकें। इसके लिए ट्रेनिंग और क्षमता विकास पर भी जोर दिया जाएगा।
कोर्ट केसों को लेकर भी सरकार सख्त
बैठक में मंत्रालयों से जुड़े लंबित कोर्ट केसों पर भी गंभीर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि कई मामलों में समय पर मजबूत पक्ष नहीं रख पाने की वजह से नुकसान होता है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित मामलों की समीक्षा करें, नोडल अधिकारी नियुक्त करें और जरूरत पड़ने पर बेहतर वकीलों की मदद लें ताकि सरकारी पक्ष मजबूत तरीके से रखा जा सके।
अब होगा “रिफॉर्म उत्सव”
Pm cabinet: पीएम मोदी ने विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को पहचानकर उन्हें खत्म करने के निर्देश दिए हैं। अब हर विभाग यह बताएगा कि काम कहां और क्यों अटकता है। सरकार अब केवल सुधार करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि लोगों तक उन सुधारों की जानकारी भी पहुंचाएगी। इसी के तहत “रिफॉर्म उत्सव” चलाने की तैयारी है, ताकि जनता को बताया जा सके कि सरकार ने क्या बदलाव किए और उनका फायदा क्या होगा।
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