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संगठन से गुजरात की सत्ता और फिर दिल्ली तक… 17 सितंबर को जन्मदिन पर जानिए PM मोदी का अब तक का पूरा राजनीतिक सफर

PM MODI BIRTHDAY: 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन होता है । इस मौके पर विभिन्न शहरों में भव्य और सेवा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। में 2026 में वह 76 वर्ष के हो गए हैं। यह जन्मदिन उनके राजनीतिक सफर के एक और महत्वपूर्ण पड़ाव के साथ आया है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल तक मोदी की राजनीति ने कई अहम पड़ाव देखे हैं। गुजरात की सत्ता में करीब 13 साल रहने के बाद 2014 में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति का रुख किया और इसके बाद लगातार तीन लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे।

17 सितंबर को देशभर में क्या हुआ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर 17 सितंबर को देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाजपा की ओर से शुरू किए गए महीनेभर के ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत भी इसी दिन हुई, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता अभियान, जनसेवा और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में दीप जलाए गए। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 1.25 लाख दीये जलाए गए, प्रदेश के सभी जिलों और 845 आईकॉनिक प्लेस में 3 करोड़ 55 लाख दीये एकसाथ जलाये गये। सिर्फ उज्जैन में ही 33 लाख 27 हजार दीये एक साथ प्रज्ज्वलित कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया गया। वाराणसी में भी जन्मदिन के साथ मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को केंद्र में रखकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पीएम मोदी के जन्मदिन जगमगा हुआ उज्जैन
                                                                                                पीएम मोदी के जन्मदिन जगमगा हुआ उज्जैन

उनके सफर को मोटे तौर पर तीन हिस्सों में देखा जा सकता है- भाजपा संगठन में लंबी भूमिका, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 2001 से 2014 तक का दौर और 2014 के बाद प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय राजनीति।

PM MODI BIRTHDAY: सवाल-1: मोदी के राजनीतिक सफर का पहला बड़ा मोड़ कब आया?

नरेंद्र मोदी के लिए 7 अक्टूबर 2001 अहम तारीख थी। इसी दिन उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इससे पहले उनकी पहचान मुख्य रूप से भाजपा के संगठनात्मक नेता के तौर पर थी। गुजरात की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली जब राज्य जनवरी 2001 के विनाशकारी भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा था। मुख्यमंत्री बनने के साथ मोदी के सामने प्रशासन और पुनर्वास की बड़ी चुनौती थी। यहीं से उनके संवैधानिक पद पर लंबे राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई।

सवाल-2: 2002 का गुजरात चुनाव इतना महत्वपूर्ण क्यों था?

मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही महीनों बाद गुजरात में विधानसभा चुनाव हुए। फरवरी 2002 की गोधरा ट्रेन आगजनी के बाद राज्य में व्यापक सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। इसके बाद दिसंबर 2002 में विधानसभा चुनाव हुए। भाजपा ने 182 में से 127 सीटें जीतीं और मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में अपना पहला पूर्ण कार्यकाल शुरू किया। यह चुनाव उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसके बाद गुजरात से बाहर राष्ट्रीय राजनीति में उनकी चर्चा और बढ़ी।

PM MODI BIRTHDAY: सवाल-3: ‘गुजरात मॉडल’ कैसे चर्चा में आया?

2007 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने गुजरात में 117 सीटें जीतीं। मोदी लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। इस दौर में गुजरात की औद्योगिक नीति, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक कामकाज को लेकर एक खास राजनीतिक नैरेटिव विकसित हुआ, जिसे बाद में ‘गुजरात मॉडल’ के नाम से प्रचारित किया गया। समर्थकों ने इसे विकास और निवेश पर जोर देने वाली सरकार के उदाहरण के रूप में पेश किया, जबकि आलोचकों ने गुजरात के विकास के दावों और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर अलग-अलग सवाल उठाए। इस तरह ‘गुजरात मॉडल’ मोदी की राष्ट्रीय राजनीति में पहचान का अहम हिस्सा बन गया।

सवाल-4: 2012 में मोदी के सामने कौन-सा नया रास्ता खुला?

2012 के गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 115 सीटें जीतीं। मोदी लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। लगातार तीन विधानसभा चुनावों में जीत के बाद उनका राजनीतिक कद गुजरात से आगे बढ़ चुका था। भाजपा के भीतर भी उन्हें राष्ट्रीय भूमिका के लिए महत्वपूर्ण नेताओं में गिना जाने लगा। इसके अगले ही साल उनके राजनीतिक सफर का सबसे बड़ा मोड़ आया।

PM MODI BIRTHDAY: सवाल-5: 2013 में ऐसा क्या हुआ जिसने मोदी को दिल्ली की राजनीति में पहुंचा दिया?

सितंबर 2013 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को 2014 लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। इसके बाद गुजरात की राजनीति से निकलकर मोदी का पूरा फोकस राष्ट्रीय चुनाव पर आ गया। चुनाव अभियान में विकास, भ्रष्टाचार, रोजगार, प्रशासन और मजबूत नेतृत्व जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। 2014 का चुनाव परिणाम उनके राजनीतिक सफर में निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

PM MODI BIRTHDAY
                                                                                            PM MODI BIRTHDAY
सवाल-6: 2014 में मोदी प्रधानमंत्री कैसे बने?

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले 282 सीटें जीतीं। यह संख्या लोकसभा में बहुमत के लिए जरूरी 272 सीटों से अधिक थी। नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ करीब 13 साल तक गुजरात की सत्ता संभालने वाला नेता राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र में पहुंच गया। पहले कार्यकाल में सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जन धन योजना, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया समेत कई प्रमुख कार्यक्रम शुरू किए। इन योजनाओं को सरकार ने विकास, वित्तीय समावेशन, स्वच्छता और डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ा।

PM MODI BIRTHDAY: सवाल-7: 2019 में मोदी के राजनीतिक सफर में क्या बदला?

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 2014 के मुकाबले अपनी सीटें बढ़ाईं और 303 सीटें जीतीं। NDA ने भी बहुमत के साथ सरकार बनाई। मोदी ने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही कई बड़े फैसले हुए। इनमें अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 से संबंधित संवैधानिक बदलाव और जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन प्रमुख था। सरकार ने इसे जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ और मजबूती से जोड़ने वाला कदम बताया। विपक्ष ने प्रक्रिया, संघवाद और नागरिक स्वतंत्रताओं से जुड़े सवाल उठाए। यह फैसला मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं में शामिल रहा।

सवाल-8: कोरोना महामारी मोदी सरकार के लिए कैसी चुनौती थी?

2020 में कोविड-19 महामारी ने केंद्र सरकार के सामने अभूतपूर्व प्रशासनिक चुनौती खड़ी की। मार्च 2020 में देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया। इसके बाद सरकार ने टीकाकरण अभियान, खाद्यान्न सहायता और विभिन्न आर्थिक राहत उपायों को आगे बढ़ाया। महामारी के दौरान सरकार के कामकाज को लेकर दो तरह के प्रमुख दृष्टिकोण सामने आए। सरकार के समर्थकों ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण और कल्याणकारी सहायता का उल्लेख किया, जबकि आलोचकों ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की परेशानियों और 2021 की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव को लेकर सवाल उठाए।

PM MODI BIRTHDAY: सवाल-9: 2024 का चुनाव मोदी के लिए क्यों अलग रहा?

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 240 सीटों पर सिमट गई। यह 272 के बहुमत के आंकड़े से कम था। हालांकि NDA के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या रही और नरेंद्र मोदी ने 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह 2014 और 2019 से अलग राजनीतिक स्थिति थी। इस बार केंद्र सरकार में गठबंधन सहयोगियों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो गई। मोदी इस तरह जवाहरलाल नेहरू के बाद आम चुनावों के जरिए लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले दूसरे नेता बने।

सवाल-10: 25 साल की सत्ता में मोदी के सफर को कैसे देखा जाए?

7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से शुरू हुआ संवैधानिक पद पर मोदी का सफर अब 25 साल के पड़ाव तक पहुंच चुका है।इस सफर में तीन विधानसभा चुनावों के जरिए गुजरात में लगातार नेतृत्व, 2013 में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनना, 2014 और 2019 में भाजपा को लोकसभा में पूर्ण बहुमत दिलाना और 2024 में गठबंधन सरकार के नेतृत्व में तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना शामिल है। इसी दौरान उनकी सरकारों के कई फैसले देश की राजनीति और नीतिगत बहस के केंद्र में रहे- चाहे वह स्वच्छ भारत और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं हों, अनुच्छेद 370 से जुड़े बदलाव हों या कोविड-19 के दौरान लिए गए फैसले।

PM MODI BIRTHDAY: आगे का सफर

नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर संगठन से शुरू होकर राज्य की सत्ता और फिर देश के सर्वोच्च निर्वाचित कार्यकारी पद तक पहुंचा। 2024 के बाद उनके तीसरे कार्यकाल में भाजपा को अकेले बहुमत नहीं मिला, इसलिए गठबंधन सहयोगियों की भूमिका पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है। अब उनके राजनीतिक सफर का अगला अध्याय आने वाले वर्षों में सरकार के फैसलों, आर्थिक और सामाजिक नीतियों, गठबंधन की राजनीति और 2029 के लोकसभा चुनाव तक की राजनीतिक परिस्थितियों से तय होगा।

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