Rahul Gandhi: वाराणसी की अदालत में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक नई आपराधिक शिकायत पर सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। यह मामला अमेरिका में दिए गए उनके कथित बयान से जुड़ा है, जिसमें उन पर भगवान राम को काल्पनिक और पौराणिक पात्र बताने का आरोप लगाया गया है। विशेष सांसद-विधायक अदालत ने शिकायत को नए सिरे से विचार के लिए निचली अदालत को वापस भेज दिया है।
शिकायत पर पुनर्विचार का आदेश
वाराणसी की विशेष सांसद-विधायक अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने अधिवक्ता हरिशंकर पांडे की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें शिकायत को प्रारंभिक स्तर पर ही सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया गया था। न्यायालय ने कहा कि शिकायतकर्ता को पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए बिना शिकायत खारिज करना उचित नहीं था। इसलिए मामले को कानून के अनुसार नए सिरे से विचार के लिए वापस भेजा गया है।
Rahul Gandhi: भगवान राम पर कथित टिप्पणी बनी विवाद की वजह
शिकायतकर्ता हरिशंकर पांडे का आरोप है कि राहुल गांधी ने 21 अप्रैल 2025 को अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान राम को पौराणिक और काल्पनिक पात्र बताया था। शिकायत में कहा गया है कि इस टिप्पणी से सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और समाज में अशांति फैलाने की स्थिति उत्पन्न हुई। इसी आधार पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
स्पीकर की अनुमति के मुद्दे पर भी सवाल
इस मामले में पहले अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह कहते हुए शिकायत खारिज कर दी थी कि मौजूदा सांसद के खिलाफ कार्रवाई के लिए लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति आवश्यक है। हालांकि पुनरीक्षण अदालत ने कहा कि राहुल गांधी का कथित बयान संसदीय कार्यवाही के दौरान नहीं, बल्कि विदेश में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिया गया था। अदालत ने माना कि मामले पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के अनुसार स्वतंत्र रूप से न्यायिक विचार किया जाना चाहिए। अब निचली अदालत शिकायत पर दोबारा सुनवाई कर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी।








