Rajashthan news: राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी परियोजनाओं में से एक का उद्घाटन करेंगे। हिंदुस्तान पेट्रोलियम राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) का यह प्रोजेक्ट भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस रिफाइनरी से न सिर्फ देश की ईंधन जरूरतों को मजबूती मिलेगी, बल्कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था और स्थानीय लोगों के लिए भी नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
देश की पहली ग्रासरूट इंटीग्रेटेड रिफाइनरी
पचपदरा स्थित HRRL देश की पहली ग्रासरूट इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन होगी। इसमें 1.5 मिलियन टन कच्चा तेल राजस्थान के मंगला ऑयल फील्ड से आएगा, जबकि 7.5 मिलियन टन क्रूड ऑयल विदेशों से आयात किया जाएगा। यहां पेट्रोल-डीजल के अलावा बिटुमेन, नैफ्था और कई पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे।
Rajashthan news: आयात पर निर्भरता होगी कम
रिफाइनरी को 487 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए सीधे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से जोड़ा गया है। इससे रूस और खाड़ी देशों से आने वाला कच्चा तेल सीधे रिफाइनरी तक पहुंच सकेगा। इससे भारत की तेल आयात व्यवस्था अधिक मजबूत होगी और भविष्य में निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। राजस्थान सरकार को इस परियोजना से हर साल करीब 5,000 करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद है। वहीं, स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
Rajashthan news: इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण
पचपदरा रिफाइनरी अपने विशाल निर्माण के कारण भी चर्चा में है। इसके निर्माण में करीब 3 लाख मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है, जो एफिल टॉवर में इस्तेमाल स्टील से लगभग 40 गुना ज्यादा है। इसके अलावा, निर्माण में बुर्ज खलीफा से करीब पांच गुना अधिक कंक्रीट का उपयोग किया गया। पूरी रिफाइनरी में लगभग 28 हजार किलोमीटर लंबी केबल बिछाई गई है, जिसकी लंबाई पृथ्वी को लगभग दो बार घेरने के बराबर बताई जाती है।
ऐसे समय शुरू हो रही है जब दुनिया में बंद हो रही हैं रिफाइनरियां
पचपदरा रिफाइनरी ऐसे समय शुरू हो रही है, जब दुनिया के कई देशों में पुरानी रिफाइनरियां बंद होने की स्थिति में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोप की कई रिफाइनरियां 2030 तक बंद हो सकती हैं, जबकि 2035 तक दुनिया भर में 100 से ज्यादा रिफाइनरियों के बंद होने की आशंका जताई गई है। चीन के शेडोंग प्रांत में भी इस साल कई रिफाइनरियां बंद हो चुकी हैं। ऐसे माहौल में भारत की यह नई और अत्याधुनिक रिफाइनरी वैश्विक ऊर्जा बाजार में देश की स्थिति को और मजबूत कर सकती है।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस है HRRL
Rajashthan news: पचपदरा रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है, जबकि दुनिया की अधिकांश रिफाइनरियों का औसत 8 से 10 के बीच रहता है। इसका मतलब है कि यह रिफाइनरी कच्चे तेल से ज्यादा मूल्य वाले और बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार करने में सक्षम है। यहां BS-VI मानकों के अनुरूप पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीथिलीन, बेंजीन और ब्यूटाडीन जैसे महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी बनाए जाएंगे। इससे भारत के पेट्रोकेमिकल सेक्टर को भी बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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