SP candidate Dhanraj Nathwani: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव के साथ धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। राम गोपाल यादव सपा के पुराने और बड़े चेहरों में शामिल हैं, लेकिन धनराज नथवानी का नाम सामने आते ही उनकी पृष्ठभूमि को लेकर चर्चा शुरू हो गई। वह गुजरात से जुड़े हैं, कॉरपोरेट क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और खेल प्रशासन में भी उनकी भूमिका रही है। खास बात यह है कि उनके पिता परिमल नथवानी भी राज्यसभा सांसद हैं। आखिर कौन हैं धनराज नथवानी और उनका परिवार, करियर और सपा से जुड़ाव क्या है? समझिए पूरा प्रोफाइल।
गुजरात से ताल्लुक रखते हैं धनराज नथवानी
धनराज परिमल नथवानी गुजरात से ताल्लुक रखते हैं। उनकी पहचान एक कारोबारी और कॉरपोरेट प्रोफेशनल के तौर पर रही है। वह रिलायंस समूह से जुड़े रहे हैं और कॉरपोरेट क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। धनराज की प्रोफाइल में कारोबारी गतिविधियों के साथ सामाजिक कार्य, खेल, वन्यजीव और फोटोग्राफी में रुचि का भी उल्लेख मिलता है। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उनका प्रमुख कामकाजी क्षेत्र कॉरपोरेट और खेल प्रशासन रहा है।
SP candidate Dhanraj Nathwani: रिलायंस से क्या है कनेक्शन?
धनराज नथवानी का रिलायंस समूह से जुड़ाव उनकी प्रोफाइल का अहम हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक हैं और रिलायंस समूह में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। यानी सपा की ओर से राज्यसभा के लिए चुने गए धनराज का अनुभव पारंपरिक राजनीतिक संगठन से ज्यादा कॉरपोरेट क्षेत्र का रहा है। यही वजह है कि उनकी उम्मीदवारी सपा के दूसरे उम्मीदवार राम गोपाल यादव की तुलना में अलग तरह की चर्चा में है।
खेल प्रशासन में भी सक्रिय रहे हैं
धनराज नथवानी सिर्फ कॉरपोरेट क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे। उनका गुजरात के खेल प्रशासन से भी जुड़ाव रहा है। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े रहे हैं और क्रिकेट प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्हें गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन से भी जोड़ा जाता है। इस तरह कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ क्रिकेट और फुटबॉल प्रशासन में भी उनका अनुभव रहा है।
SP candidate Dhanraj Nathwani: गुजरात क्रिकेट से कैसे जुड़ा परिवार?
धनराज नथवानी के खेल प्रशासन से जुड़ाव को समझने के लिए उनके परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उनके पिता परिमल नथवानी का भी गुजरात क्रिकेट प्रशासन और कॉरपोरेट जगत से लंबा जुड़ाव रहा है। परिमल नथवानी गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में महत्वपूर्ण पद पर रह चुके हैं। गुजरात क्रिकेट के प्रशासन में उनका नाम उस दौर से जुड़ा रहा है, जब राज्य के क्रिकेट ढांचे में कई बड़े राजनीतिक और कारोबारी चेहरे सक्रिय थे।

कौन हैं परिमल नथवानी?
अब बात धनराज नथवानी के पिता परिमल नथवानी की। परिमल नथवानी कॉरपोरेट जगत से जुड़े रहे हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ उनकी लंबी पारी रही है। वह कंपनी में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर भी रहे हैं। इसके साथ ही वह राजनीति में भी सक्रिय हुए। परिमल नथवानी राज्यसभा के सदस्य हैं और झारखंड से उच्च सदन पहुंचे हैं। यानी धनराज नथवानी के राज्यसभा पहुंचने की स्थिति में पिता और पुत्र दोनों संसद के उच्च सदन में होंगे।
SP candidate Dhanraj Nathwani: परिमल नथवानी झारखंड से कैसे पहुंचे राज्यसभा?
परिमल नथवानी ने झारखंड से राज्यसभा चुनाव लड़ा था। वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे और उन्हें बीजेपी का समर्थन मिला था। चुनाव में जीत के बाद वह झारखंड से राज्यसभा सांसद बने। इस तरह पिता परिमल नथवानी का राजनीतिक सफर झारखंड से जुड़ा है, जबकि अब उनके बेटे धनराज नथवानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है।
पिता और बेटे की राजनीतिक स्थिति क्या होगी?
अगर धनराज नथवानी राज्यसभा के लिए निर्वाचित होते हैं तो पिता-पुत्र दोनों एक ही सदन यानी राज्यसभा के सदस्य होंगे। हालांकि दोनों अलग-अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे। परिमल नथवानी झारखंड से राज्यसभा पहुंचे हैं, जबकि धनराज को सपा ने उत्तर प्रदेश से उम्मीदवार बनाया है। यही वजह है कि उनकी उम्मीदवारी के साथ पिता-पुत्र के एक साथ राज्यसभा में होने की चर्चा भी तेज है।
SP candidate Dhanraj Nathwani: सपा ने धनराज नथवानी को ही क्यों चुना?
सपा ने धनराज नथवानी को उम्मीदवार बनाने के पीछे कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए उनके चयन को किसी खास राजनीतिक समझौते या रणनीति से जोड़ना फिलहाल अनुमान होगा। हालांकि उनकी कॉरपोरेट पृष्ठभूमि, गुजरात से जुड़ाव और खेल प्रशासन का अनुभव उनकी प्रोफाइल को दूसरे राजनीतिक उम्मीदवारों से अलग बनाता है। पार्टी ने उन्हें वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव के साथ उम्मीदवार बनाकर राज्यसभा की अपनी सूची में एक नया चेहरा शामिल किया है।
राम गोपाल यादव भी सपा के उम्मीदवार
सपा ने राज्यसभा के लिए धनराज नथवानी के साथ राम गोपाल यादव को भी उम्मीदवार बनाया है। राम गोपाल यादव सपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और पहले भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। वह मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं और सपा के संगठन तथा संसदीय रणनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में दोनों उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि बिल्कुल अलग है- एक तरफ पार्टी के अनुभवी नेता राम गोपाल यादव हैं तो दूसरी तरफ कॉरपोरेट और खेल प्रशासन से आने वाले धनराज नथवानी।
SP candidate Dhanraj Nathwani: यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर क्यों है चुनाव?
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है। इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सपा ने 30 सितंबर को अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया। राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। इसलिए अलग-अलग दलों की विधानसभा में मौजूदा संख्या के आधार पर उम्मीदवारों के जीतने की स्थिति और मुकाबले का गणित तय होता है।
धनराज नथवानी की उम्मीदवारी क्यों चर्चा में है?
धनराज नथवानी का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह पारंपरिक अर्थों में सपा के जमीनी राजनीतिक नेता नहीं रहे हैं। उनका प्रमुख परिचय कॉरपोरेट क्षेत्र और खेल प्रशासन से जुड़ा है। इसके अलावा उनके पिता पहले से राज्यसभा सांसद हैं। रिलायंस से जुड़ाव, गुजरात क्रिकेट प्रशासन और अब सपा के टिकट पर उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की उम्मीदवारी-इन सभी वजहों से धनराज नथवानी का प्रोफाइल राजनीतिक चर्चा का विषय बना है।
उनके पिता परिमल नथवानी रिलायंस से जुड़े रहे हैं और झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं। अब सपा ने धनराज नथवानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। अगर वह चुनाव जीतते हैं तो पिता और पुत्र दोनों एक साथ राज्यसभा में नजर आएंगे-हालांकि दोनों अलग-अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे। यही वजह है कि सपा की ओर से धनराज नथवानी का नाम सामने आने के बाद उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ उनके कॉरपोरेट, क्रिकेट और पारिवारिक कनेक्शन की भी चर्चा हो रही है।
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