Srinagar: भारत के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है कि पुलवामा आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा को पाक अधिकृत कश्मीर (PoK ) में ढेर कर दिया गया है। उसकी मौत आतंकी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ (Al Badr) के प्रमुख कमांडरों में से एक था।
पाकिस्तान में रह रहा था हमजा
मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला हमजा सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था।हमजा, जिसे “डॉक्टर” भी कहा जाता था, पुलवामा के रत्नीपोरा क्षेत्र में पैदा हुआ था। वह 2017 में यह कहकर पाकिस्तान गया था कि वह उच्च शिक्षा के लिए जा रहा है, लेकिन बाद में वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया और जल्दी ही कमांडर बन गया।
वह पिछले 7 साल से पाकिस्तान में रह रहा था। 14 फरवरी 2019 के पुलवामा में आतंकी हमले को अंजाम देने में उसकी बड़ी भूमिका थी। पूरे देश को झकझोर देने वाले इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों को धवस्त कर दिया था। हमजा पर मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वह पिछले 7 साल से पाकिस्तान में रह रहा था। 14 फरवरी 2019 के पुलवामा में आतंकी हमले को अंजाम देने में उसकी बड़ी भूमिका थी। पूरे देश को झकझोर देने वाले इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों को धवस्त कर दिया था। हमजा पर मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
Srinagar: आतंकी नेटवर्क को झटका
बताया जाता है कि सुरक्षा एजेंसियों को हमजा की लंबे समय से तलाश थी।वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उसकी हत्या पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और कट्टरपंथी नेटवर्क के लिए स्वाभाविक तौर पर एक बहुत बड़ा झटका है। 27 वर्षीय हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। इस संगठन को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है।
अल-बद्र में शामिल होने के बाद हमजा कश्मीर लौटा। उस पर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप था। उसका नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था।
अल-बद्र में शामिल होने के बाद हमजा कश्मीर लौटा। उस पर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप था। उसका नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था।








