Supreme Court Firecracker Ban: दिवाली पर पटाखे चलाने को लेकर जारी कंफ्यूजन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपना रुख स्पष्ट किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के पक्ष में वह नहीं है, लेकिन 24 घंटे आतिशबाजी की अनुमति भी नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं के साथ पर्यावरण और प्रदूषण के प्रभाव को भी ध्यान में रखना होगा।
Supreme Court Firecracker Ban: ‘पूरी तरह बैन नहीं, 24 घंटे की छूट भी नहीं’-
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि पटाखों के इस्तेमाल के लिए निश्चित समय तय किया जा सकता है। कोर्ट के मुताबिक, पूरी तरह प्रतिबंध लगाने से लोगों की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं, जबकि बिना समय सीमा के आतिशबाजी की अनुमति देने से वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समाधान ऐसा होना चाहिए, जिसमें त्योहार मनाने की परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जा सके। अदालत ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के साथ-साथ अन्य जीवों पर प्रदूषण के प्रभाव को भी ध्यान में रखने की बात कही।
Supreme Court Firecracker Ban: ग्रीन क्रैकर्स पर क्या है प्रस्ताव-
सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत के सामने एक नोट रखा। इसमें CSIR-NEERI की सलाह के आधार पर नेक्स्ट-जेनरेशन जॉइंट ग्रीन क्रैकर्स को सीमित और शर्तों के साथ इस्तेमाल करने की अनुमति देने का सुझाव दिया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, ऐसे पटाखों का निर्माण सिर्फ लाइसेंस प्राप्त निर्माता करेंगे। इनमें प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा।
125 dB और 145 dB की शोर सीमा का जिक्र-
नोट में ग्रीन क्रैकर्स के लिए 125 dB(AI) और 145 dB(C) पीक की शोर सीमा का भी जिक्र किया गया है। अदालत के सामने रखे प्रस्ताव में पटाखों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने और प्रदूषण के प्रभाव को सीमित करने पर जोर दिया गया है।
प्रदूषण और लोगों की भावनाओं के बीच संतुलन-
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिवाली पर पटाखों को लेकर किसी भी व्यवस्था में धार्मिक और सामाजिक भावनाओं के साथ पर्यावरणीय चिंताओं को भी महत्व देना होगा। अदालत का रुख फिलहाल पूरी तरह प्रतिबंध और 24 घंटे आतिशबाजी की अनुमति, दोनों के बीच सीमित समय का रास्ता अपनाने की ओर है।
यह भी पढ़े- कल का मौसम: 18 राज्यों में बारिश का अनुमान, तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश का अलर्ट









