AI भविष्य की लड़ाइयों को बदल देगा
रायसीना डायलॉग 2026 में सीडीएस अनिल चौहान ने डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य पर खुलकर बात की। वैज्ञानिक विवेक लाल ने बताया कि न्यूक्लियर रिएक्टर कम जगह में ज्यादा पावर पैदा कर सकते हैं।
रायसीना डायलॉग 2026 में सीडीएस अनिल चौहान ने डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य पर खुलकर बात की। वैज्ञानिक विवेक लाल ने बताया कि न्यूक्लियर रिएक्टर कम जगह में ज्यादा पावर पैदा कर सकते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर टैरिफ को हथियार बनाकर दुनिया पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश कर रहे हैं। स्वीडन के राइज रिसर्च इंस्टीट्यूट की सीनियर रिसर्चर और लुंड यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर जोहान लिनाकर का मानना है कि यूरोप की सालों की लापरवाही अब भारी पड़ रही है।
एलन मस्क की कंपनी xAI ने अपने एआई चैटबॉट ग्रोक (Grok) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रोक किसी भी महिला, लड़की या किसी भी व्यक्ति की अश्लील, आपत्तिजनक या बिना सहमति वाली तस्वीरें और वीडियो नहीं बनाएगा। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने xAI से कहा है कि ग्रोक के किसी भी फीचर से महिलाओं और लड़कियों को आगे नुकसान नहीं होना चाहिए।
देश में हर साल सड़क हादसों में हजारों लोगों की जान चली जाती है। हादसों को रोकने के लिए सरकार स्तर पर कई प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है। आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा कि सड़क सुरक्षा और टिकाऊ परिवहन आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।
एलन मस्क के एआई चैटबॉट Grok पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत में एआई के जरिए बनाए गए अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर कड़ी कार्रवाई के बाद ग्रोक ने करीब 3,500 कंटेंट ब्लॉक किए हैं। Grok एआई के जरिए बनाए जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट में महिलाओं और बच्चों की तस्वीरें भी शामिल हैं, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।
Supreme court news: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम को गंभीर खतरा बताते हुए इस पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इस स्कैम से जुड़े सभी मामलों की जांच CBI को सौंप दी है और एजेंसी को विशेष अधिकार भी प्रदान किए हैं। अब जहां भी साइबर फ्रॉड … Read more
AI Human Vision: आज के समय में टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। आपके हर छोटे बड़े काम को करने में कही न कही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी मर्डर टेक्नोलॉजी अब हिस्सा बन चुकी है। जिनके जरिए घंटों का काम मिनटों में हो जाता है। यही नहीं आपके लिए रिसर्च करना हो या आपकी … Read more