15 हजार KM तक तैर गई हंपबैक व्हेल! वैज्ञानिक भी रह गए हैरान, गानों से भी करती हैं असर

समंदर की गहराइयों में रहने वाली हंपबैक व्हेल ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से दक्षिणी महासागर में बर्फ और अंटार्कटिक क्रिल के फैलाव में बदलाव हो रहा है। क्रिल हंपबैक व्हेल का मुख्य भोजन होता है।

अप्रैल में ही 43°C पार! मई-जून में पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, IMD का बड़ा अलर्ट

मई का महीना अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन देश में गर्मी ने अभी से अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल में ही इस तरह की भीषण गर्मी यह बताने के लिए काफी है कि जलवायु परिवर्तन का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।

धरती का स्वर्ग कश्मीर में गर्मी और सूखे की मार, मार्च में ही बढ़ा पारा

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। मार्च के पहले हफ्ते में जहां आमतौर पर घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढकी रहती है, वहीं इस बार तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को हैरान कर रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात पर नजर रखी जा रही है। अभी कोई बड़ा संकट नहीं है, लेकिन स्थिति चिंताजनक जरूर है।

जलवायु परिवर्तन ने दक्षिणी अफ्रीका में मचाई तबाही

दुनिया भर में मौसम का मिज़ाज तेजी से बदल रहा है। कहीं तेज़ तूफान, कहीं बर्फबारी, तो कहीं भीषण गर्मी और भारी बारिश लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित कर रही है। शोधकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि अफ्रीका के लिए स्थानीय जलवायु मॉडल विकसित किए जाने चाहिए। लंदन के इंपीरियल कॉलेज की प्रोफेसर फ्रीडेरिक ओटो के अनुसार, मौजूदा जलवायु मॉडल ज्यादातर अमेरिका और यूरोप में बनाए गए हैं।

अमेरिका के 40 राज्यों में हिमयुग जैसी ठंड, ट्रंप के बयान से गरमाई ग्लोबल वार्मिंग की बहस

अमेरिका के करीब 40 राज्यों में हिमयुग जैसी भीषण ठंड की आहट ने हड़कंप मचा दिया है। रिकॉर्ड तोड़ कोल्ड वेव की चेतावनी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप का एक सोशल मीडिया पोस्ट सुर्खियों में आ गया है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि ट्रंप की यह सोच भ्रामक है। विशेषज्ञों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन से औसत तापमान जरूर बढ़ता है, लेकिन इससे मौसम की चरम घटनाएं भी ज्यादा होती हैं।