गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता ने रचा इतिहास, जूडो में भारत को दिलाया पहला गोल्ड, बोली- थैंक्यू योगी जी आपने मेरे सपनों को उड़ान दी

गाजियाबाद की दरोगा अस्मिता ने कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीता

Commonwealth Games 2026: त्रिपुरा के एक साधारण परिवार से निकलकर ग्लासगो में भारत का तिरंगा सबसे ऊंचा लहराने वाली अस्मिता डे आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक … Read more

इतिहास रचने के बाद बोली शर्मिला धनखड़- ‘स्वर्ण पदक मेरी मां को समर्पित’

बोली शर्मिला धनखड़

Commonwealth Games 2026: भारत की शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के अपने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक को अपनी नेत्रहीन मां को समर्पित किया। शर्मिला ने महिलाओं की शॉट पुट एफ57 का खिताब जीतने के लिए 9.81 मीटर का सीजन का सबसे अच्छा थ्रो किया। स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली पैरा-एथलीट वह कॉमनवेल्थ पैरा-एथलेटिक्स में भारत … Read more

ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर PM मोदी समेत कई नेताओं ने दी बिंद्यारानी देवी को बधाई

बिंद्यारानी देवी

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 58 किलोग्राम भार वर्ग में बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबाम ने 199 किलोग्राम वजन उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। मणिपुर की इस वेटलिफ्टर ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया। बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबाम की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म … Read more

स्वर्ण जीतने के बाद टूट पड़ा जज़्बातों का सैलाब, मीराबाई चानू बोलीं- ‘ये आँसू मेरे संघर्ष के हैं’

Commonwealth Games 2026:

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। जीत के बाद पोडियम पर राष्ट्रगान के दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। बाद में उन्होंने भावुक होकर कहा, “ये आंसू सिर्फ गोल्ड के नहीं, बल्कि उन सभी मुश्किलों, दर्द और संघर्ष के हैं, जिनसे मैं इस मुकाम तक पहुंचने के लिए गुज़री हूं।”

Commonwealth Games 2026: रिकॉर्ड प्रदर्शन से विरोधियों को छोड़ा पीछे-

मीराबाई ने स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों चरणों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 201 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 113 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को स्पष्ट अंतर से पीछे छोड़ा। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका लगातार तीसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट में स्वर्ण और 2022 बर्मिंघम में भी स्वर्ण पदक जीता था।

Commonwealth Games 2026: चोट, आलोचना और वापसी की प्रेरणादायक कहानी-

पिछले कुछ वर्षों में मीराबाई को चोटों और फिटनेस संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पेरिस ओलंपिक में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद उन पर सवाल भी उठे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार रिहैब, कड़ी ट्रेनिंग और मानसिक मजबूती के दम पर उन्होंने शानदार वापसी की। इसी संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि आज के आंसू उनकी खुशी के साथ-साथ उन कठिन दिनों की याद भी हैं, जिन्हें उन्होंने कभी हार मानने नहीं दिया।

भारत की ‘आयरन गर्ल’ ने फिर बढ़ाया देश का मान-

मणिपुर की रहने वाली मीराबाई चानू भारत की सबसे सफल वेटलिफ्टर्स में गिनी जाती हैं। उनके नाम टोक्यो ओलंपिक 2020 का रजत पदक, 2017 विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण, कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन स्वर्ण पदक और कई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां दर्ज हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का यह स्वर्ण सिर्फ एक और मेडल नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और कभी हार न मानने की मिसाल बन गया। मीराबाई की यह जीत एक बार फिर साबित करती है कि मुश्किलों के बाद मिलने वाली सफलता सबसे ज्यादा चमकती है

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Written By – MAHI