5 अप्रैल को विकट गणेश की पूजा से दूर होंगे संकट, जानिए व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त

संकष्टी चतुर्थी 2026

वैशाख कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी 5 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन विकट गणेश की पूजा की जाती है। भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं और रात में चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलकर भगवान गणेश से संकटों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

नृसिंह द्वादशी 2026: आज करें नृसिंह की पूजा, शत्रु नाश और सुख-समृद्धि के खुलेंगे द्वार!

नृसिंह द्वादशी मुहूर्त 2026

नृसिंह द्वादशी 2026 हिंदू धर्म का एक विशेष पर्व है। यह दिन भगवान नृसिंह की पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और सही मुहूर्त में पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं, शत्रुओं से रक्षा मिलती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि: जानिए क्यों है यह रात शिव-पार्वती मिलन की सबसे पवित्र घड़ी

पूजा विधि, अभिषेक और शुभ वस्तुएं

महाशिवरात्रि वह पावन तिथि है जब भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन हुआ तथा शिवलिंग स्वरूप का प्राकट्य माना गया। इस दिन विधि-विधान से की गई पूजा और अभिषेक से सुख-समृद्धि की प्राप्ति और ग्रह दोष शांति की मान्यता है।

5 फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी: गणपति पूजा से दूर होंगे संकट, आएगी समृद्धि

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का धार्मिक महत्व

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्थी को मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत रखने से जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। पंचांग के अनुसार तिथि, नक्षत्र, शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखना फलदायी माना जाता है।

बसंत पंचमी 2026: बुद्धि-विद्या की देवी माता सरस्वती की आराधना का दिन, यहां देखें शुभ मुहूर्त

बसंत पंचमी का धार्मिक महत्व

बसंत पंचमी ज्ञान, विद्या और कला की देवी माता सरस्वती को समर्पित पर्व है। इस दिन पूजा, शुभ मुहूर्त और विशेष विधि से साधना करने से बुद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है।

Basant Panchami: माघ शुक्ल पंचमी का महत्व क्या है? बसंत पंचमी से जुड़ी मान्यताएं और परंपराएं

सनातन संस्कृति में पर्वों का आध्यात्मिक महत्व

बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो ज्ञान, विद्या और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा कर विद्या और सकारात्मक ऊर्जा की कामना की जाती है।

Magh Shivratri: माघ मास की चतुर्दशी पर मासिक शिवरात्रि, जानें पूजन का शुभ समय

माघ मास की मासिक शिवरात्रि का पावन पर्व

माघ मास की मासिक शिवरात्रि भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना का विशेष पर्व है। इस दिन विधि-विधान से की गई पूजा, व्रत और निशिता काल में जप से मनोकामनाओं की पूर्ति और आध्यात्मिक उन्नति मानी जाती है।

मकर संक्रांति 2026: स्नान-दान से खुलेगा पुण्य का द्वार, जानिए सही तिथि और विधि

मकर संक्रांति का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है। इस दिन पवित्र स्नान, दान और धार्मिक नियमों का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि सही तिथि पर स्नान-दान करने से दोष दूर होते हैं, मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

14 जनवरी को दुर्लभ संयोग की दुविधा: मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग, खिचड़ी खाएं या नहीं?

मकर संक्रांति पर बना दुर्लभ संयोग

मकर संक्रांति इस बार खास है क्योंकि इसी दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है। एक ओर एकादशी पर चावल निषिद्ध माने जाते हैं, वहीं संक्रांति पर खिचड़ी की परंपरा है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार एकादशी की तिथि समाप्त होने के बाद खिचड़ी का सेवन किया जा सकता है, जिससे दोनों परंपराओं का पालन संभव है।

माघ की गुप्त नवरात्रि 2026: कब से होगी शुरुआत, जानें पूजा और कलश स्थापना का समय

माघ महीने की गुप्त नवरात्रि का महत्व

Gupt Navratri 2026 माघ माह में शुरू हो रही है, जिसमें दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इस नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है और शुभ मुहूर्त में पूजा करने से माता दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।