‘Black Spring’ में डूबे बाजार, सोमवार को फिर गिरावट का खतरा
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरे संकट में डाल दिया है। हालांकि इस संकट के बीच निवेश का ट्रेंड बदलता हुआ भी दिख सकता है।
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरे संकट में डाल दिया है। हालांकि इस संकट के बीच निवेश का ट्रेंड बदलता हुआ भी दिख सकता है।
हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी झटकेदार रही। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। दिनभर दबाव में रहने के बाद बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। गुरुवार को इसकी कीमत करीब 6.75% बढ़कर 114.8 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई सेक्टर दबाव में नजर आए। विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में कारोबार करते नजर आए, जबकि ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। मजबूत वैश्विक संकेतों की कमी और उतार-चढ़ाव भरे माहौल में निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लगातार तीन दिनों की बढ़त के बाद गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों कमजोर रहे। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे ज्यादा दबाव दिखा, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली रही। विदेशी निवेशकों की खरीद के बावजूद बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने की चेतावनी का असर अब वैश्विक बाजारों में साफ दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 0.4 फीसदी बढ़कर 60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई।