Tehran: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बीच फंसे कमर्शियल जहाजों को तकनीकी, चिकित्सा और ईंधन सेवाएं देने की बात कही है।पोर्ट्स एंड मेरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने घोषणा की है कि देश के बंदरगाह होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे या गुजरने वाले जहाजों को हर प्रकार की सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सरकारी समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के अनुसार, यह जानकारी खाड़ी क्षेत्र में संचालित वाणिज्यिक जहाजों के कप्तानों को जारी किए गए एक आधिकारिक संदेश में दी गई।
जहाजों को ये सुविधाएं देगा ईरान
ईरान के समुद्री प्राधिकरण ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और नौवहन संबंधी चुनौतियों को देखते हुए जहाजों को तकनीकी सहायता, ईंधन, चिकित्सा सेवाएं और आवश्यक रखरखाव सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विशेष रूप से ईरानी जलक्षेत्र और बंदरगाहों से गुजरने वाले जहाज इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।अधिकारियों के मुताबिक, यह संदेश समुद्री संचार नेटवर्क और वीएचएफ (वेरी हाई फ्रीक्वेंसी) सिस्टम के जरिए लगातार तीन दिनों तक प्रतिदिन तीन बार प्रसारित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जहाजों तक सूचना पहुंच सके। ईरान का कहना है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखना है।
Tehran: ईरान-अमेरिका के रुख में नरमी
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार का तनाव या अवरोध अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकता है।
मंगलवार देर शाम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ प्लेटफॉर्म पर ऐलान किया कि विभिन्न देशों के अनुरोध पर प्रोजेक्ट फ्रीडम को रोका जा रहा है। इसके बाद से ही दोनों पक्ष के रवैए में थोड़ी नरमी आई है।
ईरान की यह पहल क्षेत्रीय समुद्री गतिविधियों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बीच जहाजरानी कंपनियां भी सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। ईरान ने दोहराया है कि उसके बंदरगाह सभी आवश्यक मानवीय और तकनीकी सहायता देने के लिए तैयार हैं तथा समुद्री मार्गों को सुरक्षित और सक्रिय बनाए रखने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।
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ईरान की यह पहल क्षेत्रीय समुद्री गतिविधियों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बीच जहाजरानी कंपनियां भी सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। ईरान ने दोहराया है कि उसके बंदरगाह सभी आवश्यक मानवीय और तकनीकी सहायता देने के लिए तैयार हैं तथा समुद्री मार्गों को सुरक्षित और सक्रिय बनाए रखने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।








