Temple Donation: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितताओं के मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। वहीं, उत्तराखंड सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है।
वायरल दावों के बाद शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, ये पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ी के आरोप सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने इस मामले में आपत्ति जताते हुए पुलिस से जांच और FIR दर्ज करने की मांग की। आरोप सामने आने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने प्रमोद नौटियाल को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन के साथ ही प्रमोद नौटियाल को जोशीमठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उन्हें बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं। जांच समिति ने 7 जुलाई से मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

Temple Donation: CCTV रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
चार सदस्यीय जांच दल में वित्त नियंत्रक, विधि अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। टीम मंदिर परिसर के CCTV फुटेज, कर्मचारियों के बयान और पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इस बीच मंदिर परिसर में CCTV कैमरे बदले जाने को लेकर भी सवाल उठे। इस पर BKTC के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने स्पष्ट किया कि कैमरों का परिवर्तन नियमित प्रक्रिया के तहत किया गया था और पुराने DVR का पूरा डेटा सुरक्षित रखा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी जांच के आदेश दिए हैं। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल के निर्देश पर गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। सरकारी समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और आवश्यक सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं इस मामले में BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कौन हैं प्रमोद नौटियाल?
आपको बता दें कि प्रमोद नौटियाल बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के लंबे समय से जुड़े कर्मचारी हैं। जो पूर्व में समिति के कई अध्यक्षों के साथ पर्सनल असिस्टेंट के रूप में कार्य कर चुके हैं। हाल के दिनों में वे वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के साथ भी कार्यरत थे। अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद उन्हें 3 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद उन्हें निलंबित कर जोशीमठ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले पर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि प्रमोद नौटियाल उनके निजी सचिव नहीं, बल्कि मंदिर समिति के कर्मचारी थे। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पद से हटाया गया है ताकि जांच प्रक्रिया किसी भी तरह से प्रभावित न हो।
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