Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि छापा मारना चाहिए कर्नाटक और महाराष्ट्र में, मार रहे हैं यूपी में। जहां ‘सीसी’ का माल है, वहां नहीं जाते हैं, बस दिखावटी औपचारिकता निभाते हैं।
सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
दरअसल, समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े कई ठिकानों पर बुधवार को ईडी ने छापेमारी की। इसी कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तंज कसा। वहीं, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित मामले को लेकर भी अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ावा, दान और चंदे की चोरी की खबर से दुनिया भर का सनातन समाज आहत और शर्मसार है। उनका दावा है कि इस प्रकरण से सरकार की धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं और दुनिया भर के निवेशक भी अब अपना हाथ खींच रहे हैं। अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट में कहा, अयोध्या के मंदिर से ‘चढ़ावा, चंदा, दान चोरी’ का समाचार समस्त विश्व में फैल चुका है। दुनिया के विभिन्न देशों में रहने वाला सनातन समाज भाजपा और उसके सहयोगियों के कृत्यों से हो रही बदनामी के कारण शर्मसार है। वे इसलिए भी आहत हैं कि उन्होंने भी मंदिर में दान-चंदा भेजा था या स्वयं आकर चढ़ाया था।
छापा मारना चाहिए कर्नाटक और महाराष्ट्र में मार रहे हैं यूपी में।
जहाँ CC का माल है वहाँ नहीं जाते हैं
बस दिखावटी औपचारिकता निभाते हैं— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 8, 2026
अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार
इस प्रकरण से संपूर्ण विश्व का सनातन समाज आक्रोशित है, क्योंकि धर्म के साथ-साथ देश को भी भाजपाई अधर्मियों के कारण अपयश का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया भर के निवेशक भी अब अपना हाथ खींच रहे हैं, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि जिस सरकार ने अपने भगवान के दानपात्र तक को नहीं छोड़ा, वह कल हमारे निवेश को क्या छोड़ेगी। केंद्र सरकार ने अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विश्वसनीयता पूरी तरह खो दी है। उल्लेखनीय है कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले के सामने आने के बाद सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक हुई। बैठक में ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि नए महामंत्री की नियुक्ति तक कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति गठित की गई है और इस संबंध में आगे की प्रक्रिया पर विचार के लिए ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित की जाएगी।







