TET LEAK: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुंबई और ठाणे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस रैकेट से जुड़े मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों की पहली तस्वीरें भी सामने आ गई हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हैं। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का मामला हो सकता है, जिसके तार राज्य के कई जिलों तक जुड़े हो सकते हैं।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से जांच तेज
प्रश्नपत्र लीक की जानकारी सामने आने के बाद ठाणे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान मामले से जुड़े मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक करने का मास्टरमाइंड कौन है और इस पूरे गिरोह में कितने लोग शामिल हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
Mumbai, Maharashtra: Visuals of TET paper leak accused. pic.twitter.com/XpYXjoJujY
— IANS (@ians_india) June 27, 2026
TET LEAK: डिजिटल साक्ष्यों और लेन-देन की जांच
पुलिस इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है। आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन, संदेश, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही कथित आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। बैंक खातों और ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र लीक के बदले किन-किन लोगों को धनराशि दी गई और यह नेटवर्क कितना बड़ा है।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत की मांग की जाएगी, ताकि पूरे गिरोह और उसके संपर्कों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से पहले किस स्तर पर लीक हुआ।
TET LEAK: छह लाख अभ्यर्थियों की मेहनत पर पड़ा असर
शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से महज 24 घंटे पहले लीक होने के कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। इससे छह लाख से अधिक अभ्यर्थियों की तैयारी और उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। यह पहली बार नहीं है जब राज्य में किसी प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ हो। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
ये भी पढ़ें…जम्मू-कश्मीर में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके, घरों से बाहर निकले लोग








