Home » मध्य प्रदेश » Thavari Reservoir Project: बुंदेलखंड को बड़ी सौगात, 563 करोड़ का थावरी जलाशय प्रोजेक्ट देगा नई जिंदगी

Thavari Reservoir Project: बुंदेलखंड को बड़ी सौगात, 563 करोड़ का थावरी जलाशय प्रोजेक्ट देगा नई जिंदगी

Thavari Reservoir Project : बुंदेलखंड की सूखी जमीन अब प्यासी नहीं रहेगी। सागर जिले के केसली इलाके में थावरी गांव की तीन पहाड़ियों के बीच एक नया जीवन बसने वाला है। 563 करोड़ की लागत से बनने वाला थावरी जलाशय अगले 4 साल में तैयार हो जाएगा। इसके बाद जो बदलाव आएगा वह सिर्फ नक्शे पर नहीं, लोगों की जिंदगी में दिखेगा। अभी जहां किसान सिर्फ बारिश पर निर्भर हैं, वहां नहरों में 12 महीने पानी बहेगा।

करीब 50000 एकड़ खेतों को सिंचाई का पानी मिलेगा। मतलब रबी की फसल के लिए अब आसमान नहीं ताकना पड़ेगा। 100 गांवों के घरों में नल से पीने का साफ पानी पहुंचेगा। पानी का टैंकर और हैंडपंप की लाइन वाली परेशानी इतिहास बन जाएगी।

Thavari Reservoir Project

इस इलाके के 70 फीसदी लोग आदिवासी हैं। मेहनत तो ये खूब करते हैं, पर पानी की कमी हर बार फसल छीन लेती है। जलाशय बनने के बाद कहानी बदल जाएगी। किसान गेहूं और चने की पारंपरिक खेती से आगे बढ़ेंगे। खेतों में टमाटर, मिर्च और हरी सब्जियां लहलहाएंगी। कोई अमरूद का बगीचा लगाएगा तो कोई फूलों की खेती करेगा। जायद सीजन में तीसरी फसल का सपना भी अब सच होगा। एक एकड़ से लाखों की कमाई अब सिर्फ बात नहीं रहेगी।

MP का बड़ा सपना

मध्य प्रदेश सरकार अभी 65 लाख हेक्टेयर जमीन को पानी दे रही है। टारगेट है कि 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर खेतों तक पानी पहुंचे। कहीं बड़ी नदियों पर बांध बन रहे हैं तो कहीं थावरी जैसे जलाशय। सागर जिले में ही तीन बड़ी और आठ छोटी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। थावरी जलाशय उसी कड़ी का हिस्सा है। इसकी फाइनल डीपीआर बन रही है और जल निगम जल्द काम शुरू करेगा।

50 गांवों के लिए उम्मीद

यह जलाशय सिर्फ कंक्रीट की दीवार नहीं है, यह 50 गांवों के लिए उम्मीद है। किसी के घर में बेटी की पढ़ाई का खर्च निकलेगा तो किसी के खेत से शहर तक सब्जी का ट्रक जाएगा। मजदूरी करने गए लोग वापस अपने खेत संभालेंगे। जब किसान की जेब में पैसा आएगा तो गांव का बाजार भी चमकेगा। इसी को कहते हैं तरक्की की असली राह। चार साल बाद जब थावरी की पहाड़ियों के बीच पानी भरेगा, तो वह सिर्फ जलाशय नहीं होगा। वह भरोसा होगा कि मेहनत का फल मिलता है।

Read More : RSS रजिस्ट्रेशन विवाद, कर्नाटक मंत्री ने फंडिंग और संपत्ति का मांगा ब्योरा; बढ़ा राजनीतिक दबाव

Written By : Mansi Sharma